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OpenAI

1 फ़रवरी 2026

सुरक्षा

प्रेम संबंधों के नाम पर ठगी: एआई की मदद से चलने वाली ठगी की कार्यप्रणाली

OpenAI ने उन खातों पर प्रतिबंध लगाया जो प्रेम संबंधों के नाम पर ठगी में संपर्क करने, अनुवाद करने, पीड़ितों को बातचीत में उलझाए रखने और निवेश का झाँसा देने जैसे कामों के लिए एआई का इस्तेमाल कर रहे थे.

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यह केस अध्ययन मूल रूप से एआई के दुर्भावनापूर्ण इस्तेमाल पर रोक लगाने के बारे में OpenAI की फ़रवरी 2026⁠(एक नई विंडो में खुलेगा) की रिपोर्ट में प्रकाशित हुआ था.

एक साल पहले⁠(एक नई विंडो में खुलेगा) हमने अपने मॉडल का दुरुपयोग करने की कोशिश करने वाले ठगी के गिरोहों के ख़िलाफ़ अपनी कार्रवाइयों की जानकारी देना शुरू किया था. तब से हमने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे कई ठगी अभियानों पर रोक लगाई है. इनमें “छोटे-मोटे काम” के नाम पर होने वाली ठगी शामिल थी, जिसमें मामूली कामों से हुई ऐसी कमाई पाने के लिए पीड़ितों से पैसे जमा कराए जाते हैं जो असल में होती ही नहीं. इनमें निवेश के नाम पर होने वाली ठगी भी थी, जिसमें पीड़ितों को ऐसी निवेश कंपनियों में पैसे लगाने के लिए राज़ी किया जाता है जिनका कोई अस्तित्व ही नहीं है.

एआई के आने से बहुत पहले से ही प्रेम संबंधों के नाम पर ठगी आम रही है. इसमें ठग संभावित प्रेमी या प्रेमिका बनकर अपने निशाने पर मौजूद व्यक्ति को यह विश्वास दिलाने की कोशिश करते हैं कि उसे अपना मनपसंद साथी मिल गया है. इसके बाद वे उससे लगातार और ज़्यादा पैसे माँगने लगते हैं. ठगी पर रोक लगाने के बारे में हमारी पहली प्रकाशित रिपोर्ट में कंबोडिया में नए-नए शुरू हुए एक आपराधिक अभियान का ज़िक्र था. इसने प्रेम संबंधों के नाम पर ठगी के संदेश बनाने के लिए ChatGPT का इस्तेमाल किया था. इनमें से कुछ संदेश सोशल मीडिया पर फैलाए गए थे. तब से हमने प्रेम संबंधों के नाम पर ठगी के कई प्रयासों पर रोक लगाई है. जैसा कि हमने जून⁠(एक नई विंडो में खुलेगा) में लिखा था, इन और अन्य ठगी अभियानों में एआई का इस्तेमाल आम तौर पर एक जैसे ढर्रे पर होता है. हम इसे तीन चरणों में देखते हैं: संपर्क करना (बिना किसी पूर्व परिचय के), भावनाएँ जगाना और पैसा ऐंठना.

संपर्क करना (बिना पूर्व परिचय के): ठग संभावित शिकार की रुचियों को ध्यान में रखकर ऐसी सामग्री तैयार करता है जो उसका ध्यान खींच सके. उदाहरण के लिए, “भरोसा जीतकर बड़ी रकम ठगने” वाले जिस अभियान की जानकारी हमने पिछले साल दी थी, वह अक्सर चिकित्सा पेशों से जुड़े 40 से 49 साल के अमेरिकी पुरुषों को निशाना बनाता था. इसके लिए गोल्फ़ के बारे में उनकी सोशल मीडिया पोस्ट पर जवाब दिए जाते थे. अन्य अभियानों में अनजान लोगों को एसएमएस भेजे गए, नौकरी के फ़र्ज़ी संदेश भेजे गए या, प्रेम संबंधों के नाम पर ठगी के हमारे सबसे हालिया मामले में (जिसका वर्णन नीचे है), सोशल मीडिया विज्ञापनों का इस्तेमाल किया गया. हर मामले में, इन दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों में शामिल लोगों ने ChatGPT से ऐसे संदेश बनाए जो पारंपरिक ठगी के संदेशों से ज़्यादा दिलचस्प हो सकते थे और जिनकी भाषा से यह कम ज़ाहिर होता था कि उन्हें लिखने वाला उस भाषा का मूल वक्ता नहीं है.

“भरोसा जीतकर बड़ी रकम ठगने” वाले गिरोह का गोल्फ़ से जुड़ा शुरुआती संदेश, जिसकी जानकारी हमने 2025 में दी थी. यह संदेश फ़ेसबुक पर एक ऐसे उपयोगकर्ता की पोस्ट के जवाब में था, जिसका इस अभियान से कोई संबंध नहीं था.

“भरोसा जीतकर बड़ी रकम ठगने” वाले गिरोह का गोल्फ़ से जुड़ा शुरुआती संदेश, जिसकी जानकारी हमने 2025 में दी थी. यह संदेश फ़ेसबुक पर एक ऐसे उपयोगकर्ता की पोस्ट के जवाब में था, जिसका इस अभियान से कोई संबंध नहीं था.

भावनाएँ जगाना: ठग ऐसी सामग्री तैयार करता है जो निशाने पर मौजूद व्यक्ति के मन में प्रबल भावनाएँ पैदा करे, ताकि उसे अपने इशारों पर चलाना आसान हो जाए. प्रेम संबंधों के नाम पर ठगी में निशाने पर मौजूद व्यक्ति को ठग के प्रति आकर्षित करने की कोशिश की जाती है. अन्य तरह की ठगी में निशाने पर मौजूद व्यक्ति को किसी संभावित फ़ायदेमंद सौदे के लिए उत्साहित करना, अवसर चूकने का डर पैदा करना या किसी कथित कानूनी जोखिम या बकाया बिल को लेकर घबराहट पैदा करना शामिल हो सकता है. कभी-कभी शुरुआती संपर्क वाले संदेश में ही भावनाएँ जगाने वाली बातें भी शामिल होती हैं.

“गलत नंबर” नाम के ठगी अभियान का अनजान लोगों को भेजा गया एसएमएस. हमने जून 2025 में इसका पर्दाफ़ाश किया था. इसमें थोड़े-से काम के बदले अविश्वसनीय रूप से ज़्यादा कमाई का विवरण है, जो संभवतः “भावनाएँ जगाने” के लिए दिया गया था.

“गलत नंबर” नाम के ठगी अभियान का अनजान लोगों को भेजा गया एसएमएस. हमने जून 2025 में इसका पर्दाफ़ाश किया था. इसमें थोड़े-से काम के बदले अविश्वसनीय रूप से ज़्यादा कमाई का विवरण है, जो संभवतः “भावनाएँ जगाने” के लिए दिया गया था.

पैसा ऐंठना: ठग ऐसी सामग्री तैयार करता है जिसका उद्देश्य निशाने पर मौजूद व्यक्ति को पैसे देने के लिए राज़ी करना होता है. इसके लिए कई तरह के बहाने दिए जा सकते हैं. उदाहरण के लिए, प्रेम संबंधों के नाम पर ठगी में निशाने पर मौजूद व्यक्ति से अपने प्रिय के कारोबार में निवेश करने या उसे आर्थिक संकट से उबारने के लिए पैसे देने को कहा जा सकता है. “छोटे-मोटे काम” के नाम पर ठगी में लोगों से कहा जाता है कि जिस (काल्पनिक) कमाई को वे अपनी मेहनत का फल मानते हैं, उसे पाने के लिए उन्हें पहले पैसे जमा करने होंगे. निवेश के नाम पर ठगी में लोगों से ऐसी निवेश योजनाओं में पैसे लगाने को कहा जाता है जिनका कोई अस्तित्व नहीं होता.

“गलत नंबर” नाम के ठगी अभियान का अनजान लोगों को भेजा गया एसएमएस. हमने जून 2025 में इसका पर्दाफ़ाश किया था. इसमें थोड़े-से काम के बदले अविश्वसनीय रूप से ज़्यादा कमाई का विवरण है, जो संभवतः “भावनाएँ जगाने” के लिए दिया गया था.

“गलत नंबर” नाम के ठगी अभियान का अनजान लोगों को भेजा गया एसएमएस. हमने जून 2025 में इसका पर्दाफ़ाश किया था. इसमें थोड़े-से काम के बदले अविश्वसनीय रूप से ज़्यादा कमाई का विवरण है, जो संभवतः “भावनाएँ जगाने” के लिए दिया गया था.

इस प्रक्रिया से स्पष्ट है कि संदेश पहुँचाने का नेटवर्क ठगी का एक अहम हिस्सा है. हमने जिन अलग-अलग ठगी अभियानों का पर्दाफ़ाश किया, उन्होंने शुरुआती संपर्क के लिए एसएमएस, कूटलेखित संदेश वाले ऐप, सोशल मीडिया पोस्ट, ऑनलाइन विज्ञापनों या इन सभी का इस्तेमाल किया. एआई से पहले के दौर की ठगी में ईमेल⁠(एक नई विंडो में खुलेगा), फ़ोन कॉल⁠(एक नई विंडो में खुलेगा) और यहाँ तक कि उन्नीसवीं सदी में चिट्ठियों⁠(एक नई विंडो में खुलेगा) और तार⁠(एक नई विंडो में खुलेगा) के इस्तेमाल के कुख्यात उदाहरण मिलते हैं. कई ठगी अभियानों में बिना किसी ख़ास चयन के बड़ी संख्या में लोगों तक संदेश पहुँचाए जाते हैं, लेकिन कुछ में चुनिंदा लोगों को सटीक ढंग से निशाना बनाने की कोशिश दिखाई देती है. उदाहरण के लिए, “भरोसा जीतकर बड़ी रकम ठगने” वाला वह अभियान, जिसकी जानकारी हमने फ़रवरी 2025 में दी थी⁠(एक नई विंडो में खुलेगा), गोल्फ़ जैसे विषयों पर केंद्रित था. प्रेम संबंधों के नाम पर ठगी के एक अन्य अभियान ने इंडोनेशिया के युवकों को निशाना बनाने के लिए सोशल मीडिया विज्ञापनों का इस्तेमाल किया. वहीं, मशहूर हस्तियों के नाम पर ठगी⁠(एक नई विंडो में खुलेगा) में आम तौर पर किसी प्रसिद्ध व्यक्ति का रूप धरकर उसके प्रशंसक समूहों को निशाना बनाया जाता है. साक्ष्य टुकड़ों में उपलब्ध होने के कारण, हमारे द्वारा रोके गए अलग-अलग ठगी अभियानों की विश्वसनीय तुलना करना मुश्किल है. फिर भी, हमारा आकलन है कि संदेश पहुँचाने का चुना गया तरीका—जैसे अंधाधुंध संदेश भेजना या चुनिंदा लोगों को निशाना बनाना—इस बात में अहम भूमिका निभाता है कि कोई ठगी अभियान अपने निशानों तक पहुँचने और उनका शोषण करने में कितना सफल होता है. यह बात इस पर निर्भर नहीं करती कि अभियान ने अलग-अलग कामों के लिए एआई का कितना इस्तेमाल किया.