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OpenAI

15 अक्टूबर 2026

Sullivan & Cromwell एग्रीमेंट रिव्यू में लीगल एक्सपर्टीज़ लाया है

Sullivan & Cromwell ने OpenAI के साथ मिलकर Agreement Analyzer बनाया है. यह एक AI टूल है, जो एग्रीमेंट के ड्राफ़्ट में समस्याओं को पहचानने में मदद करता है.

कंपनी की साइज़: एंटरप्राइज़
क्षेत्र: उत्तरी अमेरिका
इंडस्‍ट्री: सेवाएँ
प्रॉडक्ट्स: ChatGPT, Codex
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Sullivan & Cromwell के वकील किसी एग्रीमेंट के ड्राफ़्ट को रिव्यू करते समय उसकी शर्तों की तुलना पहले के मिलते-जुलते मामलों और एग्रीमेंट्स से करते हैं. वे फ़र्म के अनुभव के आधार पर काम करते हैं और क्लाइंट की प्रायोरिटीज़ का भी ध्यान रखते हैं. फ़र्म का Agreement Analyzer इन सभी चीज़ों को रिव्यू के एक ही वर्कफ़्लो में लेकर आता है. यह एनालिसिस करके बदलाव के सुझाव देता है, जिन्हें वकील खुद देखकर और बेहतर बना सकते हैं.

"मुझे लगता है कि... AI की मदद से वकील उन कामों पर ज़्यादा फ़ोकस कर पाएँगे, जहाँ उनकी समझ और फ़ैसले सबसे ज़्यादा मायने रखते हैं... इससे वे अपने क्लाइंट्स के सबसे अहम सवालों पर ध्यान दे सकेंगे."
—जॉन सावा, पार्टनर, Sullivan & Cromwell

एग्रीमेंट रिव्यू में फ़र्म की एक्सपर्टीज़ का इस्तेमाल करना

शुरुआत में AI का इस्तेमाल ज़्यादातर ईमेल के जवाब लिखने या कैलेंडर चेक करने जैसे बार-बार होने वाले एडमिन कामों के लिए किया जाता था. लेकिन सावा के मुताबिक, AI मॉडल्स की एनालिसिस करने की क्षमता में हाल के सुधारों से इसका इस्तेमाल बदल गया है. वे कहते हैं, "अब हमें मुश्किल लीगल कामों में AI इस्तेमाल करने के कई नए मौके दिख रहे हैं, जैसे जटिल एग्रीमेंट्स का गहराई से एनालिसिस करना."

Agreement Analyzer वकीलों को पहले के एग्रीमेंट्स में मौजूद एक जैसी शर्तों की तुलना करने में और यह समझने में मदद करता है कि वे शर्तें एक-दूसरे पर कैसे असर डालती हैं.

Sullivan & Cromwell के पार्टनर जॉन सावा ने Codex की मदद से Agreement Analyzer का शुरुआती प्रोटोटाइप बनाया था, जिसे एक समय में सिर्फ़ एक यूज़र इस्तेमाल कर सकता था. इसके बाद उन्होंने OpenAI के साथ मिलकर आउटपुट की क्वालिटी बेहतर की और पैरेलल प्रोसेसिंग से इसकी एफ़िशिएंसी बढ़ाई. साथ ही, ऐप को ऐसे टूल में बदला, जिसे कई वकील एक साथ इस्तेमाल कर सकें.

Agreement Analyzer में Sullivan & Cromwell के वर्कफ़्लोज़, फ़र्म के चुने हुए पुराने एग्रीमेंट्स और कानूनी मिसालों, नेगोशिएशन प्लेबुक्स और ChatGPT Enterprise को एक साथ जोड़ा गया है. टूल में एग्रीमेंट का ड्राफ़्ट डालने के बाद वकील अपनी पसंद के पुरानी मिसालें और कोई प्लेबुक जोड़ सकते हैं. इस प्लेबुक में फ़र्म और क्लाइंट का पक्ष और मार्केट में आम तौर पर अपनाए जाने वाले तरीकों की जानकारी शामिल हो सकती है. टूल अलग-अलग नज़रिए से कई बार रिव्यू करता है और सभी नतीजों को मिलाकर समस्याएँ को पहचानने में मदद करता है. इसके बाद टूल एक मेमो और सुझाए गए बदलावों वाला ड्राफ़्ट देता है, जिसमें हर बदलाव को ट्रैक किया जा सकता है. वकील इनका रिव्यू करके इन्हें अपना सकते हैं, बदल सकते हैं या रिजेक्ट कर सकते हैं.

"इसका मकसद वकीलों की जगह लेना नहीं है, बल्कि उन्हें ऐसा टूल देना है, जिससे वे ज़्यादा गहराई से एनालिसिस कर सकें और अपने काम के लिए ज़्यादा भरोसेमंद लीगल सोर्स और पुराने मामलों की मिसालें ढूँढ सकें. इससे वे अपने क्लाइंट्स को और भी बेहतर क्वालिटी का काम दे पाएँगे."
—जॉन सावा, पार्टनर, Sullivan & Cromwell

जानकारी के सोर्स और जहाँ चीज़ें साफ़ नहीं हैं, उन्हें सामने लाना

सावा के मुताबिक, AI टूल के आउटपुट पर भरोसा करने के लिए यह जानना ज़रूरी है कि जानकारी कहाँ से आई है और नतीजे कैसे निकाले गए हैं. वे कहते हैं, "अगर कोई AI टूल मार्केट में अपनाए जाने वाले आम तरीकों के बारे में कुछ कहता है, तो आपको यह भी पता होना चाहिए कि वह जानकारी कहाँ से मिली है."

सावा एक ऐसे ऐप के बारे में बताते हैं, जिसमें कुछ एजेंट्स नतीजे निकालते हैं और दूसरे एजेंट्स उन पर सवाल उठाकर उनकी जाँच करते हैं. इसके एक संभावित इस्तेमाल में स्पेशलाइज़्ड एजेंट्स एक साथ एग्रीमेंट का अलग-अलग पहलुओं से रिव्यू कर सकते हैं. जैसे, उसकी शर्तें मार्केट के आम तरीकों से कहाँ अलग हैं, रिस्क कैसे बाँटा गया है, अलग-अलग क्लॉज़ एक-दूसरे पर कैसे असर डालते हैं और किन अस्पष्ट बातों की वजह से कानूनी विवाद हो सकता है. नतीजों में साफ़ बताया जाता है कि दूसरे एजेंट्स की जाँच के बाद कौन-सी बातें सही पाई गईं, किन्हें रिजेक्ट किया गया और कौन-सी बातें अब भी पूरी तरह जाँची नहीं गई हैं और कुछ शर्तों के साथ रखी गई हैं. वकील इन समस्याओं, उनके पीछे दी गई वजहों और पुरानी कानूनी मिसालों को देख सकते हैं. इसके बाद वे तय कर सकते हैं कि फ़ाइनल ड्राफ़्ट में किन बदलावों की ज़रूरत है.

आगे की दिशा

Sullivan & Cromwell अलग-अलग लीगल कामों के लिए खास तौर पर बनाए गए टूल्स को एक्सप्लोर कर रहा है. सावा के मुताबिक, AI की बेहतर एनालिसिस क्षमता से रिसर्च और राइटिंग के ज़्यादा कामों में मदद मिलने की संभावना बढ़ गई है.

सावा GPT‑6 Astra की बेहतर रीज़निंग क्षमता का ज़िक्र करते हुए कहते हैं, "Astra ने रीज़निंग की क्वालिटी को काफ़ी आगे बढ़ाया है. पहले इसी क्षमता की कमी की वजह से काम आगे बढ़ाने में मुश्किल होती थी."

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