इंटेलिजेंस युग के लिए नई नीतिगत अवधारणाएं
एआई की प्रगति के साथ आर्थिक अवसर और सुदृढ़ता बढ़ाने के लिए स्वतंत्र परियोजनाओं का वित्तपोषण.
एआई की प्रगति के साथ आर्थिक अवसर और सामाजिक सुदृढ़ता को बढ़ावा देने के लिए OpenAI स्वतंत्र संगठनों के नेतृत्व वाली 14 परियोजनाओं को अनुदान दे रहा है. ये अनुदान अप्रैल 2026 में इंटेलिजेंस युग के लिए औद्योगिक नीति प्रकाशित करते समय की गई हमारी प्रतिबद्धता को पूरा करते हैं: यह सुनिश्चित करने के लिए कि उन्नत एआई सभी को लाभ पहुंचाए, हमारे विचारों को परखने, चुनौती देने और आगे बढ़ाने में दूसरों की सहायता करना.
एआई तेजी से अधिक सक्षम हो रहा है और इसमें लोगों के सीखने, सृजन करने और अर्थव्यवस्था में भाग लेने के तरीकों को बदलने की क्षमता है. इसकी पहुंच भी बढ़ रही है: विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों, आय स्तरों और जनसांख्यिकीय समूहों के दुनिया भर में 1 अरब लोग ChatGPT का उपयोग करते हैं. हमारे उपयोगकर्ता हर प्रमुख आयु वर्ग में हैं. किसी भी अन्य अत्याधुनिक प्रयोगशाला की तुलना में हमारे पास 30 वर्ष से कम और अधिक आयु वाले वयस्क उपयोगकर्ताओं की संख्या ज्यादा है.
लेकिन प्रौद्योगिकी तक व्यापक पहुंच इस समीकरण का केवल एक हिस्सा है. एआई अंततः कुछ लोगों के बजाय अधिकांश लोगों के हित में काम करेगा या नहीं, यह इस बात पर भी निर्भर करेगा कि समाज इसकी तैनाती और इसके लाभों के वितरण के बारे में क्या विकल्प चुनते हैं. इंटेलिजेंस युग के लाभ व्यापक रूप से साझा करने के लिए नीतिगत प्रतिक्रिया को स्वयं तकनीकी बदलाव जितना महत्वाकांक्षी होना होगा. इसका अर्थ मौजूदा नीति में केवल समायोजन के बजाय नए दृष्टिकोण अपनाना है.
ये विकल्प केवल प्रौद्योगिकी कंपनियों को नहीं चुनने चाहिए. लोकतांत्रिक समाजों में इन्हें लोकतांत्रिक संस्थाओं और सार्वजनिक विमर्श के माध्यम से आकार दिया जाना चाहिए. स्वतंत्र अनुसंधान और नीति संगठनों की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण है: वे नए दृष्टिकोण विकसित और परख सकते हैं, हमारी धारणाओं सहित अन्य मान्यताओं को चुनौती दे सकते हैं और ऐसी अवधारणाओं की प्रयोगशाला बन सकते हैं जिन्हें सरकारें अपने समुदायों और परिस्थितियों के अनुरूप ढाल सकें.
इन नए अनुदानों के माध्यम से शोधकर्ता और कार्यान्वयनकर्ता उच्च-स्तरीय अवधारणाओं को ठोस कार्य में बदलेंगे और जांचेंगे कि क्या कारगर हो सकता है, उसकी लागत क्या हो सकती है और दृष्टिकोणों को जिम्मेदारी से कैसे लागू किया जा सकता है. हमारे प्रस्ताव आमंत्रण पर 400 से अधिक लोगों और संगठनों ने प्रतिक्रिया दी. आवेदकों ने एक अवधारणा चुनी और ऐसी परियोजनाएं प्रस्तावित कीं जो सार्वजनिक समझ और नीति-निर्माण में सार्थक योगदान दे सकती हैं. OpenAI चयनित परियोजनाओं को कुल 10 लाख डॉलर का वित्तपोषण और 10 लाख डॉलर तक के एपीआई क्रेडिट्स देगा.
ये परियोजनाएं अमेरिका, यूरोपीय संघ, ब्राजील, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया में संचालित होंगी तथा दो व्यापक प्रश्नों पर काम करेंगी: एआई आर्थिक अवसरों को कैसे बढ़ा सकता है और क्षमताएं बढ़ने के साथ समाज अपनी सुदृढ़ता कैसे विकसित कर सकते हैं. कुछ परियोजनाएं अनुसंधान और नीतिगत मॉडल तैयार करेंगी, जबकि अन्य ऐसे प्रोटोटाइप, डेटासेट और ढांचे बनाएंगी जिन्हें व्यवहार में परखा जा सके. चयनित परियोजनाओं के सारांश नीचे दिए गए हैं.
अमेरिकन एंटरप्राइज इंस्टीट्यूट: कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अमेरिकी कार्यबल के भविष्य पर एईआई-अर्बन द्विदलीय आयोग. एईआई-अर्बन द्विदलीय आयोग रोजगार और कौशल पर एआई के प्रभावों के लिए कम, मध्यम और उच्च व्यवधान वाले परिदृश्य विकसित करेगा तथा व्यवधान के प्रत्यक्ष संकेतकों को नीतिगत कार्ययोजनाओं से जोड़ेगा.
सेंटर फॉर यूरोपियन पॉलिसी स्टडीज—एआई लाभांश का साझा वितरण. सीईपीएस यह जांचेगा कि एआई से होने वाले उत्पादकता लाभ यूरोप में श्रमिकों, कंपनियों, क्षेत्रों, इलाकों और देशों के बीच कैसे वितरित होते हैं. वह यूरोपीय संघ की तुलना अमेरिका से भी करेगा. मौजूदा अनुभवजन्य साक्ष्यों के समेकन के आधार पर परियोजना नए यूरोपीय सामाजिक निवेश मॉडल और अनुकूलनशील सुरक्षा तंत्रों के लिए अभिनव नीतिगत सिद्धांत विकसित करेगी, ताकि एआई से आने वाली समृद्धि व्यापक रूप से साझा हो. परियोजना एक नीतिगत अध्ययन, दृश्य प्रस्तुतियां और हितधारक सत्यापन कार्यशाला आयोजित करेगी.
यूरोपियन सेंटर फॉर इंटरनेशनल पॉलिटिकल इकोनॉमी: श्रम से उत्पादक स्वामित्व की ओर. ईसीआईपीई जांचेगा कि एआई तक व्यापक पहुंच और उत्पादक परिसंपत्तियों का स्वामित्व, प्रौद्योगिकी के अधिक सक्षम होने के साथ लोगों को अर्थव्यवस्था में भाग लेने में कैसे मदद कर सकता है. परियोजना “एआई के अधिकार” के लिए एक व्यावहारिक ढांचा विकसित करेगी और कर्मचारी स्वामित्व, नागरिक निवेश, पेंशन-आधारित स्वामित्व, सामाजिक संपदा कोष तथा बौद्धिक संपदा में भागीदारी सहित विभिन्न मॉडलों की तुलना करेगी. यह एक अंतिम रिपोर्ट, संक्षिप्त अंतर्दृष्टियां और सार्वजनिक ऑनलाइन संगोष्ठी प्रस्तुत करेगी.
अबंडन्स इंस्टीट्यूट: हर राज्य में ऊर्जा की प्रचुरता. अबंडन्स इंस्टीट्यूट तुलना करेगा कि अमेरिका के राज्य मापन योग्य स्थानीय लाभ देते हुए डेटा केंद्रों की मांग के अनुरूप बिजली उत्पादन और पारेषण कैसे बढ़ा सकते हैं. यह राज्य-स्तरीय नीतिगत ढांचा, ऐतिहासिक विश्लेषण और सार्वजनिक डेटा सेंटर एटलस के लिए नीतिगत स्तर विकसित करेगा.
प्रोग्रेसिव पॉलिसी इंस्टीट्यूट: सूचना युग में व्यक्ति-आधारित लाभ. पीपीआई विभिन्न प्रकार के कामों में सेवानिवृत्ति, स्वास्थ्य, अवकाश, शिक्षा, प्रशिक्षण और दिव्यांगता को शामिल करने वाली व्यक्ति-आधारित लाभ प्रणाली तैयार करेगा. यह किसी पेशे में व्यापक बदलाव से सक्रिय होने वाले “आजीविका बीमा” का प्रोटोटाइप बनाएगा और फिर मॉडल लागू करने के लिए आवश्यक विधायी तथा तकनीकी बदलावों की पहचान करेगा.
टैक्स फाउंडेशन: एआई के युग में कर नीति. टैक्स फाउंडेशन विश्लेषण करेगा कि एआई अपनाने से श्रम आय, कॉरपोरेट लाभ, पूंजीगत लाभ और सार्वजनिक राजस्व के अन्य स्रोतों के बीच संतुलन कैसे बदल सकता है. सहायक मात्रात्मक विश्लेषण वाला अंतिम श्वेत पत्र तटस्थता, सरलता, पारदर्शिता, स्थिरता और आर्थिक दक्षता के आधार पर कराधान के विकल्पों का आकलन करेगा. इसमें नवाचार, अंगीकरण, प्रतिस्पर्धा, प्रतिस्पर्धात्मकता और राजकोषीय सुदृढ़ता पर स्पष्ट रूप से विचार किया जाएगा.
विंडफॉल ट्रस्ट: एआई आर्थिक नीति के लिए राष्ट्रीय कार्य समूह. विंडफॉल ट्रस्ट अलग-अलग एआई परिदृश्यों में राजकोषीय, श्रम-बाजार, कल्याण और प्रतिस्पर्धात्मकता से जुड़े प्रश्नों की पड़ताल के लिए अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, यूरोपीय संघ और लैटिन अमेरिका में कार्य समूहों के नेटवर्क का विस्तार करेगा. यह अंतरराष्ट्रीय आर्थिक तैयारी और समन्वय पर पूरी तरह केंद्रित एक अंतरराष्ट्रीय कार्य समूह भी शुरू करेगा. ये कार्य समूह अर्थशास्त्रियों, नीति विशेषज्ञों, जनमत सर्वेक्षकों और क्षेत्रीय भागीदारों को जोड़ेंगे. विंडफॉल ट्रस्ट प्रमुख कार्य समूहों के निष्कर्षों का सार्वजनिक सार भी तैयार करेगा.
इंस्टीट्यूटो डी माटेमाटिका पुरा ई एप्लिकाडा: इंटेलिजेंस युग में सुदृढ़ अनुसंधान का निर्माण. आईएमपीए अध्ययन करेगा कि एआई तक पहुंच को सार्थक वैज्ञानिक प्रगति में बदलने के लिए अनुसंधान संस्थानों को इंजीनियरिंग सहायता, प्रशिक्षण, शासन, कंप्यूटिंग संसाधन और स्थानीय अवसंरचना सहित किन चीजों की आवश्यकता है. ब्राजील के गणितज्ञों के साथ काम करते हुए यह ऐसा मापन और लागत ढांचा विकसित करेगा जिसे अन्य जगहों पर भी अपनाया जा सके, गणित में भरोसेमंद एआई उपयोग के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन देगा और एआई के अधिकार तथा वितरित वैज्ञानिक खोज का मूल्यांकन करने वाली सार्वजनिक रिपोर्ट तैयार करेगा.
साओ पाउलो विश्वविद्यालय के चिकित्सा संकाय का हॉस्पिटल दास क्लीनिकास: सार्वजनिक अस्पतालों के लिए जन-केंद्रित एआई नैदानिक अवसंरचना. एचसीएफएमयूएसपी ब्राजील की एकीकृत स्वास्थ्य प्रणाली, एसयूएस में नैदानिक जानकारी को व्यवस्थित करने के लिए बनाए गए एआई-सक्षम नैदानिक सूचना अवसंरचना के प्रोटोटाइप का तैनाती-पूर्व नियंत्रित मूल्यांकन करेगा. केवल कृत्रिम या उचित रूप से पहचान-रहित किए गए डेटा का उपयोग करके परियोजना आकलन करेगी कि क्या जन-केंद्रित नैदानिक एआई बिखरे हुए अभिलेखों की समीक्षा घटा सकता है, चिकित्सकों की कार्यप्रणाली सुधार सकता है, प्रमाण-आधारित देखभाल और जोखिम-वर्गीकरण प्रक्रियाओं में सहायता कर सकता है तथा रोगियों को स्वास्थ्य सेवाएं समझने, पर्चे के नवीनीकरण की प्रक्रिया संभालने और ऐसे चेतावनी संकेत पहचानने में मदद कर सकता है जिन्हें चिकित्सक की समीक्षा के लिए भेजा जाना चाहिए. इस दौरान चिकित्सकीय निर्णय और मानवीय निगरानी बरकरार रखी जाएगी.
सुरक्षा एवं प्रौद्योगिकी संस्थान: अनियंत्रित आरएसआई के लिए परिचालन ढांचा—मापन, समन्वय और प्रतिक्रिया. आईएसटी बार-बार स्वयं को बेहतर बनाने वाली एआई प्रणालियों के लिए मापन और समन्वय का ढांचा स्थापित करेगा. यह परियोजना तकनीकी आधार वाली परिभाषाएं, अनियंत्रित आत्म-संशोधन के प्रत्यक्ष संकेतक, विभिन्न प्रयोगशालाओं के बीच संवाद के लिए घटना-वर्गीकरण और तकनीकी संकेतों को समन्वित प्रतिक्रिया संबंधी निर्णयों से जोड़ने वाले गंभीरता-वृद्धि मानदंड विकसित करेगी. इसके परिणामों में घटना-वर्गीकरण स्कीमा, उद्योग-सरकार समन्वय के लिए गंभीरता-वृद्धि के मार्ग और सार्वजनिक कार्यकारी सारांश शामिल होंगे.
न्यूक्लियर थ्रेट इनिशिएटिव: एआई-बायो जोखिम के लिए सीमापार सूचना-साझाकरण की रूपरेखा. एनटीआई बायो एआई क्षमताओं, जोखिमों और उनके निवारणों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षित ढंग से साझा करने की कानूनी व्यवहार्यता परखेगा. इसके बाद एनटीआई बायो अंतरराष्ट्रीय एआई-बायो संरक्षा और सुरक्षा बढ़ाने के लिए सूचना-साझाकरण की एक बुनियादी संरचना तैयार करेगा.
काउंसिल ऑन स्ट्रैटेजिक रिस्क्स: लोगों के साथ अधिक सुरक्षित—राष्ट्रीय सुरक्षा पेशेवरों के लिए अत्याधुनिक एआई संरक्षा मॉड्यूल और प्रयोगशाला अनुभव. सीएसआर की कन्वर्जिंग रिस्क्स लैब इस बात की पड़ताल करेगी कि राष्ट्रीय सुरक्षा पेशेवर अत्याधुनिक एआई की संरक्षा और शासन के लिए संस्थागत क्षमता कैसे विकसित कर सकते हैं. फेलोशिप प्रशिक्षण तथा अत्याधुनिक एआई प्रयोगशालाओं और संरक्षा शोधकर्ताओं के साथ सहभागिता के माध्यम से परियोजना निगरानी और बढ़ती एआई क्षमताओं के बीच सार्थक मानवीय नियंत्रण बनाए रखने पर सार्वजनिक विश्लेषण प्रस्तुत करेगी.
नानयांग प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय: लेखा-परीक्षण योग्य सरकारी नीति अनुकरण के लिए निजता-संरक्षक LLM एजेंट. एनटीयू ऐसा एआई-एजेंट ढांचा विकसित और मूल्यांकित करेगा जो व्यक्तिगत स्तर के वित्तीय लेनदेन डेटा को निजता-संरक्षक व्यवहारगत प्रोफाइल में बदलकर यह अनुकरण करेगा कि सरकारी हस्तांतरणों और औद्योगिक नीतियों को लागू करने से पहले परिवार उन पर कैसी प्रतिक्रिया देंगे. इन अनुकरणों को पिछली नीतियों पर देखी गई प्रतिक्रियाओं और स्थापित सांख्यिकीय मानदंडों के आधार पर सत्यापित किया जाएगा. परियोजना एक प्रोटोटाइप, निजता-संरक्षक प्रोफाइल स्कीमा, हर पूर्वानुमान का आधार और नीति की रूपरेखा में बदलाव से उस पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को समझाने वाली लेखा-परीक्षण योग्य रिपोर्टें तथा जिम्मेदार सरकारी उपयोग के लिए सुरक्षा-सीमाएं प्रस्तुत करेगी.
योनसेई विश्वविद्यालय: एआई-सक्षम लोकतांत्रिक जवाबदेही. योनसेई विश्वविद्यालय परखेगा कि क्या पारदर्शी और मनुष्यों द्वारा सत्यापित एआई विधियां दक्षिण कोरिया की नेशनल असेंबली में निगरानी की गुणवत्ता का आकलन करने में सहायक हो सकती हैं. प्रारंभिक चरण में साक्ष्यों के उपयोग, ध्रुवीकरण और विधायी निगरानी की गुणवत्ता की पड़ताल करने वाली विश्लेषणात्मक रिपोर्ट, प्रायोगिक डेटासेट और संकेत-पुस्तिका तैयार की जाएगी.
परियोजनाएं छह महीने तक चलेंगी और उनके परिणाम 2027 में प्रकाशित किए जाएंगे.
इंटेलिजेंस युग के लिए औद्योगिक नीति में हमने तर्क दिया था कि सरकारों को इतने बड़े तकनीकी बदलाव से समाजों को आगे बढ़ने में मदद देने के लिए अनुसंधान वित्तपोषण और कार्यबल विकास से लेकर बाजार को दिशा देने वाले उपायों और लक्षित विनियमन तक, सभी नीतिगत साधनों का उपयोग करने के लिए तैयार रहना चाहिए. लेकिन किसी एक कंपनी या सरकार के पास सभी उत्तर नहीं हैं.
इन अनुदानों का उद्देश्य उत्तर विकसित करने वाले लोगों का दायरा बढ़ाना है: दुनिया भर के स्वतंत्र संस्थानों की सहायता करना, ताकि वे नई अवधारणाएं परखें, साक्ष्य जुटाएं और लोकतांत्रिक समाजों को यह तय करने में मदद दें कि एआई अवसर कैसे बढ़ा सकता है और सुदृढ़ता कैसे मजबूत कर सकता है. ये परियोजनाएं एक शुरुआत हैं और हमें आशा है कि इनके परिणाम इंटेलिजेंस युग के लिए आवश्यक नीतियों पर कहीं अधिक व्यापक सार्वजनिक विमर्श को दिशा देंगे.


