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OpenAI

यूरोप में AI वर्कफ़ोर्स के लिए मौके

EU के अलग-अलग पेशे और संस्थाएँ मिलकर यह तय कर सकती हैं कि AI कहाँ बिज़नेस बढ़ाने में मदद करेगा, काम के तरीकों को बदलेगा, और लोगों को इसे अपनाने के लिए बढ़ावा देगा

AI की क्षमताएँ तेज़ी से सरहदों को पार कर सकती हैं. नौकरियाँ इतनी आसानी से नहीं बदलतीं. हमारे काम लाइसेंसिंग के नियमों, स्थानीय संस्थाओं, देखरेख, शिक्षा, न्याय, सरकारी सेवाओं और कई तरह की इंसानी मदद की ज़रूरतों में बंधे होते हैं. ये सिस्टम्स ज़रूरी हैं क्योंकि इनसे यह तय होता है कि AI लेबर मार्केट को कैसे और कितना बदल पाएगा. लेबर मार्केट पर AI का असर क्या होगा? यह असर सबसे ज़्यादा कहाँ और कब दिखाई देगा? और यह हम कैसे पक्का कर सकते हैं कि AI से होने वाले बदलावों से सबको फ़ायदा पहुँचे?

यही वे सवाल हैं जिन्हें OpenAI इकोनॉमिक रिसर्च की नई रिपोर्ट, 'द AI जॉब्स ट्रांज़िशन फ़्रेमवर्क फ़ॉर द EU' में खास तौर पर उठाया गया है. अप्रैल 2026 में ऐसा फ़्रेमवर्क पहली बार अमेरिका के लिए AI जॉब्स ट्रांज़िशन फ़्रेमवर्क(एक नई विंडो में खुलेगा) के नाम से आया था, जिसे अब यूरोप के लेबर मार्केट के लिए बनाया गया है. यह आधिकारिक यूरोपियन स्किल्स, कॉम्पिटेंस, क्वालिफिकेशंस एंड ऑक्यूपेशंस ("ESCO") टैक्सोनॉमी और यूरोस्टैट के रोज़गार डेटा का इस्तेमाल करती है, ताकि यह देखा जा सके कि AI की क्षमताएँ किस तरह EU के सदस्य देशों के पेशों में शॉर्ट टर्म में बदलाव ला सकती हैं. अमेरिका के मुकाबले, EU में उन पेशों में नौकरियों की हिस्सेदारी कम है जिनमें शॉर्ट-टर्म में ऑटोमेशन की ज़्यादा संभावना है.

इस फ़्रेमवर्क में बदलावों को चार हिस्सों में बाँटा गया है: वैसे पेशे जो AI के साथ बढ़ सकते हैं, ज़्यादा ऑटोमेशन क्षमता वाले पेशे, वो पेशे जहाँ बड़े बदलाव हो सकते हैं, और वे पेशे जिनमें फ़िलहाल कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा. ये कैटेगरी नौकरियों को लेकर कोई अनुमान नहीं बताती हैं. यह सिर्फ़ एक योजना का मैप है, जो बताता है कि आगे चलकर कहाँ दबाव दिखाई देंगे और कहाँ नए अवसर मिल सकते हैं.

एक फ़्लोचार्ट, जो दिखा रहा है कि AI के आने से EU के अलग-अलग पेशों में क्या बदलाव आएँगे, जैसे कि ऐसे पेशे जहाँ ऑटोमेशन की संभावना ज़्यादा है, वैसे पेशे जिनमें बड़े बदलाव की उम्मीद है, कुछ ऐसे जो AI की वजह से और बढ़ेंगे, और वे पेशे जिनमें अभी कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा.

जब इसे EU पर लागू करके देखा गया, तो इस फ़्रेमवर्क से संकेत मिले कि AI से कुछ पेशों में माँग बढ़ सकती है, कुछ में इंसानी मेहनत की ज़रूरत को कम हो सकती है, और कई अन्य पेशों के कामकाज के तरीके को बदल सकते हैं:

  • लगभग 12% रोज़गार ऐसे पेशों से जुड़े हैं जो AI के साथ बढ़ सकते हैं, क्योंकि लागत के कम होने से एक्सेस बढ़ता है या और नए प्रोजेक्ट को पूरा करना संभव बनाता है.
  • लगभग 14% रोज़गार ऐसे पेशों में हैं जहाँ आने वाले समय में ऑटोमेशन की संभावना ज़्यादा हैै.
  • अन्य 27% रोज़गार ऐसे पेशों में है जहाँ काम में बड़े बदलाव आ सकते हैं, जहाँ काम करने की मुख्य ज़िम्मेदारी तो इंसानों पर होगी लेकिन AI काम के तरीकों और ज़रूरी स्किल्स को बदल देगा.
  • बाकी 47% रोज़गार ऐसे पेशों से हैं, जहाँ तुरंत कोई बड़ा बदलाव आने की संभावना नहीं है.

यह रिपोर्ट दिखाती है कि EU के अलग-अलग देशों में यह पैटर्न अलग है. लक्ज़मबर्ग, स्वीडन और नीदरलैंड्स में उन पेशों की हिस्सेदारी ज़्यादा है, जो AI के साथ आगे बढ़ सकते हैं. जर्मनी, ग्रीस और इटली में उन पेशों में नौकरियाँ ज़्यादा हैं जिन्हें ऑटोमेशन की ज़्यादा संभावना वाली कैटेगरी में रखा गया है. यह फ़र्क इसलिए है क्योंकि हर देश में इन पेशों में काम करने का तरीका अलग है.

पॉलिसी बनाने वालों, रोज़गार देने वालों, शिक्षकों और रिसर्चरों के लिए इसका मतलब यह है कि वे आने वाले बदलावों को पहले से समझें और उसी हिसाब से बारीकी से प्लान बनाएँ. रोज़गार के कुल आँकड़ों में ये बड़े बदलाव बाद में दिखाई देंगे, उससे पहले कंपनियों, कर्मचारियों और संस्थाओं को इसे अपनाना शुरू करना होगा. जहाँ तक आँकड़ों की बात है, तो यूरोप में पेशों, ट्रेनिंग, खाली नौकरियों, और सैलरी को लेकर एक मज़बूत सिस्टम है. अगर इस सिस्टम को AI की क्षमता और ऑफ़िसों में इसके इस्तेमाल से जोड़कर देखा जाए, तो मुख्य आँकड़ों में बदलाव दिखाई देने से पहले ही पता चल जाएगा कि इन बदलावों से मुश्किलें कहाँ आ रही हैं और नए अवसर कहाँ मिल रहे हैं.

यूरोप के लिए तैयार किए गए इस 'AI जॉब्स ट्रांज़िशन फ़्रेमवर्क' को आगे की तैयारी करने के लिए एक मैप की तरह देखना चाहिए. इससे यह समझ आएगा कि AI के इस्तेमाल से अलग-अलग पेशों और संस्थानों की इकोनॉमी पर क्या असर पड़ सकता है. बेहतर सबूतों की मदद से कर्मचारी, कंपनियाँ और पॉलिसी बनाने वाले लोगों को तैयारी के लिए और ज़्यादा समय मिल सकेगा.

यह रिपोर्ट AI और नौकरियों पर काम कर रहे सरकारी और निजी संस्थानों के लिए शुरुआती आइडियाज़ भी देती है, जैसे कि लेबर मार्केट के बदलावों पर नज़र रखने के लिए मॉनिटरिंग क्षमताओं को मज़बूत करना या ज़रूरतों के हिसाब से कदम उठाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर तैयारी की योजनाएँ बनाना.

आने वाले महीनों में, हम राष्ट्रीय और EU दोनों स्तरों पर स्टेकहोल्डरों के साथ बातचीत के ज़रिए इन आइडियाज़ को आगे बढ़ाएँगे और इन पर काम शुरू करेंगे, ताकि AI के ज़रिए उन व्यवहारिक रास्तों की पहचान हो सके, जिनसे पूरे यूरोप में समृद्धि और तरक्की लाई जा सके.