Localiza ने जेनरेटिव AI के हिसाब से काम के तरीके कैसे बदले
कंपनी के लिए जेनरेटिव AI सिर्फ़ प्रोडक्टिविटी बढ़ाने का ज़रिया नहीं, बल्कि एक नया कंप्यूटिंग इंटरफ़ेस है. इसी सोच के साथ कंपनी तीन क्षेत्रों पर काम कर रही है—बिज़नेस में बदलाव लाना, कस्टमर्स के लिए नए इंटरफ़ेस बनाना और AI-नेटिव प्रोडक्ट्स बनाना.
जब जेनरेटिव AI आया, तो Localiza ने इसे एक ऐसे बदलाव के तौर पर देखा, जिसने आगे की पूरी दिशा तय की: कंपनी के लिए यह मौजूदा टूल्स में एक और सॉफ़्टवेयर जोड़ने से कहीं ज़्यादा था; यह कंपनी के काम करने के पूरे तरीके को बदलने का मौका था.
अलग-अलग यूज़ केसेज़ पर काम करने के बजाय कंपनी ने OpenAI के साथ अपने कोलैबोरेशन को तीन स्ट्रैटेजिक हिस्सों में बाँटा: बड़े पैमाने पर एक्सपेरिमेंट्स करके बिज़नेस में बदलाव लाना, कस्टमर्स के लिए नए इंटरफ़ेस बनाना और AI-नेटिव प्रोडक्ट्स बनाना. इन तीनों का मकसद AI की इंटेलिजेंस, सही कॉन्टेक्स्ट और तेज़ी को ध्यान में रखकर मौजूदा प्रोसेस को नए सिरे से डिज़ाइन करना है.
"हम इसे एक पावरफ़ुल टूल के तौर पर देखते हैं, जो हमारी टीमों को उन कामों को और बेहतर करने में मदद करता है, जिनमें वे पहले से अच्छी हैं. हमारी टीमें कंपनी के कल्चर के मुताबिक काम करती हैं, कस्टमर्स की ज़रूरतें समझती हैं और जानती हैं कि शानदार सर्विस कैसे देनी है."
कंपनी में AI का इस्तेमाल बढ़ाने के पीछे सोच सीधी है: जितने बड़े पैमाने पर इसका इस्तेमाल होगा, सीखने के उतने ज़्यादा मौके मिलेंगे. और इस सीख से बेहतर प्रोडक्ट्स बनेंगे.
इसी सोच के साथ कंपनी ने ChatGPT लाइसेंस सिर्फ़ कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधा के तौर पर नहीं, बल्कि एक्सपेरिमेंट्स करने और प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के रिसोर्स के तौर पर दिए. Localiza की फ़ाइनेंस से लेकर रोज़मर्रा के ऑपरेशन्स तक की टीमें कस्टम GPT, एजेंट्स और Codex के साथ लगातार नए एक्सपेरिमेंट्स कर रही हैं.
शुरुआत में Codex का इस्तेमाल टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट में हुआ—जहाँ सॉफ़्टवेयर इंजीनियर्स, प्रोडक्ट मैनेजर्स, डिज़ाइनर्स और डेटा साइंटिस्ट्स ने इसे अपनाया. लेकिन इसका इस्तेमाल यहीं तक सीमित नहीं रहा: एनालिस्ट्स, मैनेजर्स, PMO, वकीलों और दूसरे बिज़नेस एक्सपर्ट्स ने भी अपने काम से जुड़े आइडियाज़ टेस्ट करने के लिए खुद प्रोटोटाइप और ऑटोमेशन्स बनाने शुरू कर दिए.
कंपनी ने इस बदलाव की उम्मीद नहीं की थी—इससे प्रोडक्ट डेवलपमेंट शुरू होने से पहले के काम करने का तरीका ही बदल गया. अब अलग-अलग क्षेत्रों की एक्सपर्टीज़ वाली टीमें किसी सॉल्यूशन को डेवलपमेंट की कतार में भेजने से पहले ही उसका प्रोटोटाइप बना सकती हैं.
उनके मुताबिक, अब काम की रफ़्तार को सीमित करने वाली वजह टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि लोगों से जुड़ी चुनौतियाँ हैं.
"सबसे बड़ा चैलेंज हमारी बड़ी टीम को काम करने के नए तरीके सिखाना और नई स्किल्स विकसित करने में मदद करना है. साथ ही, यह भी पक्का करना है कि हमारी सभी 19 समूह और 130 दल लगातार एक जैसे तरीके से और एफ़िशिएंटली काम करें."
दूसरा हिस्सा लोगों के बदलते व्यवहार से जुड़ा है. अब लोग अपनी ज़रूरतें आम बोलचाल की भाषा में बताने लगे हैं. इससे मोबिलिटी सर्विसेज़ तक पहुँचने का एक नया तरीका सामने आया है, जहाँ कस्टमर्स अपनी ज़रूरत बताते ही सर्विस एक्सप्लोर करना शुरू कर सकते हैं.
Localiza का इंटरनल डेटा भी इस बदलाव को दिखाता है. 2024 से LLM के ज़रिए आने वाला ट्रैफ़िक तेज़ी से बढ़ रहा है और ChatGPT इसका सबसे बड़ा चैनल बनकर उभरा है.
कंपनी ने शुरुआत में ही इस हिस्से में अपनी मौजूदगी बनाने का फ़ैसला किया. मार्च 2026 में Localiza, ChatGPT में सीधे इंटीग्रेटेड ऐप ऑफ़र करने वाला ब्राज़ील का पहला मोबिलिटी प्लेटफ़ॉर्म और लैटिन अमेरिका के शुरुआती प्लेटफ़ॉर्म्स में से एक बन गया. अब कस्टमर्स ChatGPT पर बातचीत के दौरान ही कार रेंटल, सब्सक्रिप्शन और पुरानी कार खरीदने के ऑप्शन्स एक्सप्लोर कर सकते हैं. इसके बाद वे Localiza के सुरक्षित प्लेटफ़ॉर्म पर ट्रांज़ैक्शन पूरा कर सकते हैं.
"हमें लगता है कि हम अपने कस्टमर्स को इन नए तरीकों से सर्विस दे पा रहे हैं, क्योंकि हमने शुरुआत में ही इस चैलेंज पर काम करना शुरू कर दिया था और हर कदम पर कुछ नया सीखते रहे."
Localiza अपनी ChatGPT ऐप को फ़िलहाल एक एक्सपेरिमेंट के तौर पर देखता है. इसका मकसद कस्टमर्स के बदलते व्यवहार और नए ट्रेंड्स से जुड़े रहना, असली इंटरैक्शन्स से तेज़ी से सीखना और यह समझना है कि AI कंपनी के मौजूदा सिस्टम्स और सर्विसेज़ को कैसे बेहतर बना सकता है.
कंपनी के AI-नेटिव प्रोडक्ट का सबसे अच्छा उदाहरण लिज़ा है. यह एक कन्वर्सेशनल असिस्टेंट है, जिसने कंपनी के ऑपरेशन्स में पहले से ही सफलता की कहानी लिख दी है.
लिज़ा और सामान्य चैटबॉट के बीच असली फ़र्क उनके इंटरफ़ेस में नहीं, बल्कि उनके काम करने के सिस्टम में है. सामान्य चैटबॉट पहले से तय सवालों और जवाबों के आधार पर काम करते हैं. लेकिन लिज़ा को बातचीत, यूज़र की ज़रूरत और कॉन्टेक्स्ट को ध्यान में रखकर बनाया गया है. यह OpenAI मॉडल्स, Localiza की सर्विसेज़ और स्पेशलाइज़्ड टूल्स को एक साथ इस्तेमाल करता है, ताकि शुरुआती रिक्वेस्ट समझने से लेकर कार को किराए पर लेने के प्रोसेस के अहम स्टेप्स तक कस्टमर्स की मदद कर सके.
इसका लक्ष्य बार-बार होने वाले कस्टमर सर्विस के कामों को अच्छी क्वालिटी के साथ संभालना है, ताकि टीमें ज़्यादा मुश्किल और अहम मामलों पर ध्यान दे सकें.
लेकिन सफलता सिर्फ़ इस बात से नहीं मापी जाती कि कितना काम ऑटोमेट हुआ है.
इस तरह की टेक्नोलॉजी मिलने से पहले ही Localiza अपनी कस्टमर सर्विस के सभी स्टेप्स को समझने और उनकी क्वालिटी मापने पर काम कर रहा था—इसी तैयारी की वजह से कंपनी साफ़ तौर पर तय कर पाई कि कहाँ AI एजेंट काम संभाल सकता है और कहाँ किसी इंसान को शामिल करना ज़रूरी है.
"हमने हमेशा कोशिश की है कि कस्टमर्स का पूरा एक्सपीरियंस जितना हो सके, उतना आसान और बिना रुकावट वाला हो. हमने इस एक्सपीरियंस की क्वालिटी मापने के लिए मेट्रिक्स भी बनाए हैं. बेशक, हम कन्वर्ज़न भी ट्रैक करते हैं, लेकिन हमारा मुख्य फ़ोकस कस्टमर एक्सपीरियंस पर है."
लिज़ा लगातार सीखने और बेहतर होने में भी मदद करती है. इंटरैक्शन्स से इकट्ठा किए गए और मॉनिटर किए गए संकेतों से कस्टमर्स की ज़रूरतें, उन्हें होने वाली परेशानियाँ और सर्विस बेहतर बनाने के मौके पहचानने में मदद मिलती है. वॉइस-टू-टेक्स्ट और टेक्स्ट-टू-वॉइस जैसी सुविधाओं के साथ मिलकर ये संकेत लिज़ा को सिर्फ़ ट्रांज़ैक्शन संभालने वाले चैटबॉट से एक AI-नेटिव कस्टमर इंटरफ़ेस में बदलने में मदद करते हैं. ऐसा इंटरफ़ेस जो अलग-अलग मोबिलिटी सर्विसेज़ में सीख सके और बड़े पैमाने पर काम कर सके.
"इससे हमारी टीम के कई लोगों का समय बचता है और वे ज़्यादा भरोसे और आसानी के साथ अहम समस्याओं को हल करने पर फ़ोकस कर पाते हैं. इससे हमें अपने कस्टमर्स के लिए तय किए गए मिशन को पूरा करने में मदद मिलती है."
OpenAI के साथ पार्टनरशिप की शुरुआत काफ़ी पहले हुई थी. लिज़ा का पहला वर्ज़न GPT‑3.5 पर चलता था.
पेटेनुसी के मुताबिक, इस पार्टनरशिप की सबसे बड़ी खासियत कोई एक फ़ीचर नहीं, बल्कि दोनों कंपनियों का साथ-साथ आगे बढ़ना और एक-दूसरे से लगातार सीखना है. इसमें यह भी अहम है कि पार्टनर, Localiza की चुनौतियाँ और टेक्नोलॉजी के अंदर व बाहर उसकी अलग-अलग क्षमताओं के डेवलपमेंट लेवल को समझते हैं.
वे मार्केट की दूसरी कंपनियों को भी अक्सर यही सलाह देते हैं. जब कोई टेक्नोलॉजी विकसित हो रही हो, तो अलग-अलग तरीके आज़माना, गलतियों से सीखना और मिलकर काम करना बहुत फ़ायदेमंद होता है.
"हमारा मानना है कि यह टेक्नोलॉजी अभी अपने शुरुआती दौर में है. यह मार्केट्स, हमारे काम करने के तरीके और प्रोडक्ट्स व सर्विसेज़ इस्तेमाल करने के तरीकों को बदल रही है. अगले 5, 10 और 15 सालों में यह हमारी दुनिया को नया रूप देने में अहम भूमिका निभाएगी."
मार्च 2026 में Localiza, ChatGPT में सीधे इंटीग्रेटेड ऐप लॉन्च करने वाली ब्राज़ील की पहली और लैटिन अमेरिका की शुरुआती कंपनियों में से एक बनी. हाल ही में कंपनी ब्राज़ील में ChatGPT के एडवर्टाइज़िंग पायलट से भी एक एडवर्टाइज़र के तौर पर जुड़ी है.
2024 से LLMs के ज़रिए आने वाला ट्रैफ़िक तेज़ी से बढ़ रहा है और इसमें ChatGPT सबसे बड़ा चैनल है.
लिज़ा असिस्टेंट 60 से ज़्यादा स्पेशलाइज़्ड एजेंट्स की मदद से काम करती है. यह रीज़निंग मॉडल्स, MCP इंटीग्रेशन और खास टूल्स पर आधारित है, जो मिलकर कार किराए पर लेने के पूरे प्रोसेस को मैनेज करते हैं.
कंपनी की फ़ाइनेंस से लेकर ऑपरेशन्स तक की टीमें कस्टम GPT, एजेंट्स और Codex के साथ लगातार नए एक्सपेरिमेंट्स कर रही हैं.
Codex का इस्तेमाल टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट से शुरू होकर बिज़नेस के दूसरे हिस्सों तक पहुँच गया. एनालिस्ट्स, मैनेजर्स, PMO और वकीलों ने भी अपने प्रोटोटाइप और ऑटोमेशन्स बनाने शुरू कर दिए.
कंपनी का टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट 19 समूहों और 130 दलों में बँटा हुआ है.
AI को सिर्फ़ प्रोडक्टिविटी बढ़ाने का ज़रिया नहीं, बल्कि काम करने का एक नया तरीका समझें. सबसे ज़्यादा फ़ायदा तब मिलता है, जब AI की इंटेलिजेंस, सही कॉन्टेक्स्ट और तेज़ी को ध्यान में रखकर प्रोसेस को नए सिरे से डिज़ाइन किया जाता है.
बड़े पैमाने पर एक्सपेरिमेंट्स करके सीखें. एक परफ़ेक्ट पायलट प्रोजेक्ट के मुकाबले बड़े पैमाने पर एक साथ किए गए एक्सपेरिमेंट्स से पूरे ऑर्गेनाइज़ेशन को ज़्यादा सीख मिलती है.
एक्सपेरिमेंट्स को सिर्फ़ टेक्नोलॉजी टीम तक सीमित न रखें. जब वकील, PMO और एनालिस्ट्स अपने-अपने काम के लिए प्रोटोटाइप बनाते हैं, तो डेवलपमेंट शुरू होने से पहले के काम करने का तरीका बदल जाता है.
किसी भी प्रोसेस को ऑटोमेट करने से पहले उसके सभी स्टेप्स समझें और उसकी क्वालिटी मापें. सही क्वालिटी मेट्रिक्स होने से यह तय करना आसान होता है कि कहाँ AI एजेंट काम संभाल सकता है और कहाँ किसी इंसान की ज़रूरत है.
AI अपनाने में सबसे बड़ी चुनौती मॉडल नहीं, बल्कि लोगों को नई स्किल्स सिखाना है. टेक्नोलॉजी इंटीग्रेट करने के मुकाबले सैकड़ों लोगों के काम करने के तरीके बदलना ज़्यादा मुश्किल है और सफलता के लिए ज़्यादा अहम भी.
किसी मॉडल के फ़ीचर के बजाय कस्टमर की समस्या और उसके पूरे एक्सपीरियंस को समझकर शुरुआत करें.
लाइसेंस को किसी कर्मचारी को मिलने वाली सुविधा के बजाय एक्सपेरिमेंट्स के लिए दिए जाने वाले बजट की तरह बाँटें.
कन्वर्सेशनल एजेंट्स का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर बढ़ाने से पहले उनकी क्वालिटी मापने के लिए मेट्रिक्स तय करें.
नए कन्वर्सेशनल चैनल्स पर मौजूदगी को नए कस्टमर्स लाने के कैंपेन के बजाय सीखने के एक एक्सपेरिमेंट की तरह देखें.
सीखने और सुधार करने का सिलसिला पूरा करें: हर इंटरैक्शन से मिलने वाले संकेतों का इस्तेमाल प्रोडक्ट को बेहतर बनाने के लिए करें.
Localiza का मकसद अपने आने वाले एक्सपीरियंस और प्रोसेसेज़ में AI को अहम जगह देना है—चाहे बात काम करने के तरीकों की हो, कस्टमर्स को बेहतर एक्सपीरियंस देने की हो या ऑपरेशन्स से जुड़ी किसी समस्या को हल करने की.
Localiza, OpenAI के साथ मिलकर अगले कुछ हिस्सों पर पहले से काम कर रहा है. इनमें लिज़ा और सेल्स पर फ़ोकस करने वाले एजेंट्स को बेहतर बनाना, कन्वर्सेशनल इंटरफ़ेस को कस्टमर्स के लिए सर्विसेज़ तक पहुँचने का नया ज़रिया बनाना और एजेंट्स की मदद से सॉफ़्टवेयर डेवलपमेंट का नया दौर शुरू करना शामिल है.
"हमारा सबसे ज़्यादा फ़ोकस बेहतर एक्सपीरियंस देने पर है. चाहे बात बिज़नेस का प्रॉफ़िट बढ़ाने की हो, उसे अच्छी स्थिति में बनाए रखने की हो या सबसे बढ़कर, अपने कस्टमर्स और कर्मचारियों को शानदार एक्सपीरियंस देने की हो."


