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28 सितंबर 2026

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OpenAI के बढ़े सहयोग से लेनफेस्ट संस्थान अपने प्रमुख कार्यक्रम का विस्तार कर रहा है

वीडियो सौजन्य: लेनफेस्ट पत्रकारिता संस्थान

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यह संयुक्त घोषणा सोमवार, 28 सितंबर, 2026 को लेनफेस्ट पत्रकारिता संस्थान और OpenAI ने जारी की थी.

लेनफेस्ट पत्रकारिता संस्थान ने आज लेनफेस्ट एआई सहयोग और फेलोशिप कार्यक्रम के अगले चरण की घोषणा की. यह कार्यक्रम अमेरिकी पत्रकारिता का सबसे बड़ा एआई फेलोशिप कार्यक्रम बन चुका है और अगला चरण इसी उपलब्धि को आगे बढ़ाएगा.

11 प्रमुख अमेरिकी समाचार संस्थानों में एआई इंजीनियरिंग फेलो के साथ 2024 में शुरू हुए इस कार्यक्रम ने दिखाया है कि संस्थानों की टीमों में शामिल एआई इंजीनियर स्थानीय समाचार संस्थानों को नवाचार में तेज़ी लाने, व्यवसाय को अधिक टिकाऊ बनाने और उभरती तकनीक को ज़िम्मेदारी से अपनाने में मदद कर सकते हैं. कार्यक्रम का विस्तार करने के लिए OpenAI ने 50 लाख डॉलर की नई वित्तीय सहायता के साथ-साथ 50 लाख डॉलर तक के सॉफ़्टवेयर क्रेडिट्स और इंजीनियरिंग सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई है. OpenAI ने कार्यक्रम के लिए अपना पिछला सहयोग दोगुना कर दिया है.

लेनफेस्ट एआई सहयोग और फेलोशिप कार्यक्रम स्थानीय पत्रकारिता में व्यावसायिक नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कार्यरत समाचार संस्थानों में पूर्णकालिक एआई तकनीकी विशेषज्ञों को नियुक्त करता है. पिछले दो वर्षों में यह कार्यक्रम एक महत्वाकांक्षी प्रायोगिक पहल से एक कारगर व्यवस्था बन गया है. यह स्थानीय समाचार संस्थानों को अपने रूपांतरण के लिए एआई अपनाने की रणनीतियाँ और सुरक्षा संबंधी दिशानिर्देश तैयार करने में मदद करता है.

एआई सहयोग और फेलोशिप कार्यक्रम के अगले चरण में प्रवेश करने के साथ, लेनफेस्ट संस्थान समाचार संस्थानों के एक नए समूह को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित करेगा, ताकि एआई के ज़िम्मेदार प्रयोग और उपयोग को आगे बढ़ाया जा सके.

एआई इंजीनियरिंग फेलो संपादकीय प्रमुखों, संवाददाताओं, उत्पाद टीमों, राजस्व विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ मिलकर काम करते हैं. वे हर संस्थान की विशिष्ट चुनौतियों की पहचान करके उनके लिए व्यावहारिक एआई इंजीनियरिंग समाधान तैयार करते हैं, साथ ही सुरक्षित, पारदर्शी और नैतिक नीतियाँ भी बनाते हैं. उनके काम का उद्देश्य स्थानीय पत्रकारिता की बुनियाद—मानवीय विवेक, संपादकीय निष्ठा, विशेषज्ञता और भरोसे—को बनाए रखते हुए समाचार संस्थानों को मज़बूत करना है. दरअसल, कई संस्थानों में अनेक इंजीनियरिंग फेलो के पूर्णकालिक कर्मचारी के रूप में बने रहने की उम्मीद है, जो उनके योगदान की अहमियत दर्शाता है.

भाग लेने वाले सभी 11 संस्थानों में फेलो ने दिखाया है कि एआई कितने तरह के कामों में मदद कर सकता है: पाठकों-दर्शकों से जुड़ाव और समाचार उत्पादों के विकास से लेकर खोजी पत्रकारिता के शोध, विज्ञापन और पाठकों से राजस्व जुटाने के काम तक. यह कर्मचारियों की रिपोर्टिंग का प्रभाव बढ़ाने और समुदाय में अधिक लोगों तक पहुँचने में भी मदद कर सकता है.

प्रायोगिक चरण से यह भी सामने आया कि एआई को सफलतापूर्वक अपनाना जितना तकनीक पर निर्भर करता है, उतना ही भरोसे, सहयोग और संस्थान की ज़रूरतों की स्पष्ट समझ पर भी. फेलो की भर्ती स्थानीय स्तर पर हुई और वे उन संस्थानों का हिस्सा बन गए जहाँ उन्होंने काम किया. उन्होंने पत्रकारों के काम करने के तौर-तरीके सीखे और संपादकीय तथा व्यावसायिक टीमों की वास्तविक ज़रूरतों पर आधारित समाधान तैयार किए.

“लेनफेस्ट एआई सहयोग और फेलोशिप कार्यक्रम के पहले दो वर्षों की सबसे अहम सीख यह है कि एआई को ज़िम्मेदारी से अपनाने में तकनीक से ज़्यादा भरोसे की भूमिका होती है. फेलो ने स्पष्ट सुरक्षा दिशानिर्देशों, नीतिगत मानकों और खुले संवाद के ज़रिए अपने समाचार संस्थानों को व्यावहारिक साधन तैयार करने और भीतर से कार्यसंस्कृति बदलने में मदद की है,” लेनफेस्ट संस्थान के कार्यकारी निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिम फ़्रीडलिख ने कहा. “सहयोग और फेलोशिप कार्यक्रम का अगला चरण अधिक समाचार संस्थानों को एआई के साथ उद्देश्यपूर्ण प्रयोग करने का अवसर देगा. इसमें सर्वोच्च संपादकीय मानकों का पालन और समाचार संबंधी निर्णयों में मानवीय विवेक को प्राथमिकता दी जाएगी.”

OpenAI के बौद्धिक संपदा और सामग्री प्रमुख टॉम रूबिन ने कहा, “इस साझेदारी के पहले दो वर्षों में ऐसे अनेक व्यावहारिक उदाहरण देखना सुखद रहा है, जिनमें पत्रकार गुणवत्तापूर्ण स्थानीय समाचार देने के लिए एआई का इस्तेमाल एक सहायक साधन के रूप में कर रहे हैं.” “स्थानीय समाचार उन मानवीय रिश्तों को बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं, जो किसी मोहल्ले, कस्बे या शहर के लोगों में सचमुच एक समुदाय होने का एहसास जगाते हैं. इस महत्वपूर्ण काम में और अधिक पत्रकारों को सहयोग देने के लिए लेनफेस्ट संस्थान के साथ अपनी साझेदारी बढ़ाने को लेकर हम उत्साहित हैं.”

व्यवहार में मिले प्रमाण

फेलोशिप की शुरुआत के समय स्थानीय समाचार संस्थानों में जनरेटिव एआई को बहुत कम आज़माया गया था. पिछले दो वर्षों में भाग लेने वाले संस्थानों ने व्यावहारिक उपयोग के ऐसे तरीके⁠ विकसित किए हैं, जो दिखाते हैं कि एआई समाचार संस्थान के हर तरह के काम में कैसे मदद कर सकता है.

द फ़िलाडेल्फ़िया इन्क्वायरर में फेलोशिप ने ड्यूई और स्क्रेप नाम के साधन विकसित करने में मदद की. ड्यूई पत्रकारों को दशकों पुरानी रिपोर्टों के संग्रह में खोजने में मदद करता है. स्क्रेप एक निगरानी साधन है, जिसने हर हफ़्ते लगभग 15 घंटे लेने वाले रिपोर्टिंग कार्य को बदल दिया: अब अख़बार के पूरे क्षेत्र से ख़बरों के संभावित सुरागों का सार रोज़ मिल जाता है.

शिकागो पब्लिक मीडिया में एआई-सहायता प्राप्त अनुवाद प्रक्रियाओं से संस्थान स्पेनी भाषा में जल्द प्रकाशन की माँग वाली ख़बरें पहले के मुक़ाबले बहुत कम समय में प्रकाशित कर सका. साथ ही, शिकागो के समाचारों और संस्कृति से जुड़ी दशकों से संग्रह में रखी ऑडियो रिकॉर्डिंग को लिखित रूप देना भी संभव हुआ. अन्य सहभागी संस्थानों की परियोजनाओं में संभावित विज्ञापनदाताओं की खोज, दाताओं के व्यवहार का आकलन, पाठकों-दर्शकों की पसंद के अनुरूप सामग्री, सदस्यता बढ़ाने, सार्वजनिक बैठकों की निगरानी, मुद्रित से डिजिटल सामग्री निर्माण की ओर बदलाव और कामकाज की दक्षता जैसे क्षेत्रों पर काम हुआ है.

इन परियोजनाओं ने मिलकर दिखाया कि एआई की संभावनाएँ पत्रकारों के प्रभाव और उत्पादकता को बेहतर बनाने तक सीमित नहीं हैं. यह आधुनिक समाचार संस्थान के लगभग हर काम को बेहतर बना सकता है और साथ ही भरोसेमंद, स्वतंत्र रिपोर्टिंग तैयार करने में पत्रकारों की केंद्रीय भूमिका को बनाए रखते हुए उसे मज़बूत भी कर सकता है.

एआई सहयोग कार्यक्रम की परियोजनाएँ एक संपादकीय टीम से दूसरी तक भी पहुँचने लगीं. फेलो ने कोड साझा किए, एक-दूसरे के विचारों को अपनी ज़रूरतों के अनुरूप ढाला, अमल की रणनीतियों की तुलना की और साथी संस्थानों के काम को आगे बढ़ाया. एक संपादकीय टीम में विकसित साधन और तरीके दूसरी जगह मिलती-जुलती समस्याएँ सुलझाने का आधार बने. इससे पता चला कि फेलोशिप के ज़रिए विकसित नवाचार किसी एक संस्थान से कहीं आगे तक पहुँच सकता है.

हमने क्या सीखा

प्रायोगिक चरण के दौरान कई महत्वपूर्ण सीख सामने आईं:

  • तकनीक से ज़्यादा भरोसा मायने रखता है: स्थानीय स्तर पर भर्ती किए गए इंजीनियरों को दो वर्षों के लिए संस्थानों की टीमों में शामिल करने से बड़ा बदलाव आया. एआई अपनाने का दबाव डालने वाले बाहरी सलाहकार बनने के बजाय, फेलो ने हर समाचार संस्थान की संपादकीय कार्यप्रक्रियाओं, कार्यसंस्कृति और उपयोगकर्ताओं की ज़रूरतों को गहराई से समझने की कोशिश की. फेलो को अक्सर कर्मचारियों की बात सुनने, उनके साथ समय बिताने, उनके काम करने के तरीके समझने और बार-बार आने वाली समस्याओं की पहचान करने से सुधार के महत्वपूर्ण अवसर मिले. उन्होंने समाधान भी उन्हीं लोगों के साथ मिलकर बनाए, जिन्हें अंततः उनका इस्तेमाल करना था. भरोसा बढ़ने के साथ एआई का उपयोग भी बढ़ा. पत्रकार फेलो को अपनी टीम के ऐसे सदस्यों के रूप में देखने लगे जिनके साथ मिलकर वे अहम समस्याएँ सुलझा सकते थे. वे अपने विचार और चुनौतियाँ फेलो के सामने रखने लगे और उनसे बने साधनों को अपने रोज़मर्रा के काम में शामिल करने लगे.

  • शुरुआत समस्या से करें, एआई से नहीं: पूरे समूह में फेलो ने पाया कि सबसे प्रभावी परियोजनाएँ पहले से तय तकनीकी समाधान से नहीं, बल्कि स्पष्ट रूप से पहचानी गई चुनौती से शुरू हुई थीं. सफल परियोजनाएँ उपयोगकर्ताओं के साथ निकट सहयोग, छोटे पैमाने पर प्रयोग और निरंतर मूल्यांकन से बनीं. इनमें इस बात पर ध्यान दिया गया कि तकनीक से काम में सार्थक सुधार हो रहा है या नहीं.

  • सहयोग नवाचार को तेज़ करता है: एक संपादकीय टीम की बड़ी उपलब्धि अक्सर दूसरी टीम के लिए शुरुआत का आधार बनी. मिसाल के लिए, द बाल्टिमोर बैनर ने अपने समाचार खोज साधन बनाते समय द फ़िलाडेल्फ़िया इन्क्वायरर की टीम के काम का सहारा लिया. इसी तरह पूरे समूह के फेलो ने कोड, उत्पादों के विचार, तकनीकी तरीके और सीखी गई बातें साझा की हैं. इससे संस्थान अलग-अलग काम करने के मुक़ाबले साथ मिलकर अधिक तेज़ी से आगे बढ़ सके.

आगे की राह

एआई सहयोग और फेलोशिप कार्यक्रम का अगला चरण फेलोशिप की मौजूदा बुनियाद को आगे बढ़ाते हुए बाज़ार में उसकी पहुँच का उल्लेखनीय विस्तार करेगा. कार्यक्रम सहभागी समाचार संस्थानों की टीमों में एआई फेलो को शामिल करना जारी रखेगा. इसके साथ ही, वह इन संस्थानों को आज के उपयोगकर्ताओं की ज़रूरतों के अनुरूप ढलने में मदद देने की अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखेगा. लेनफेस्ट संस्थान फेलोशिप का दायरा भी बढ़ाएगा, ताकि इसमें अधिक विविध समाचार संस्थान शामिल हो सकें.

साथ ही, लेनफेस्ट संस्थान अपनी तकनीकी क्षमताएँ बढ़ाएगा, ताकि वह पहल करके फेलोशिप की सबसे प्रभावी परियोजनाओं को दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले साधनों, ढाँचों, प्लगइन, क्रियान्वयन मार्गदर्शिकाओं, कार्यपुस्तिकाओं और तकनीकी संसाधनों में बदलने में मदद कर सके. इनका उद्देश्य सैकड़ों समाचार संस्थानों को लाभ पहुँचाना है. क्रियान्वयन में सहयोग देने का एक लक्ष्य संपादकीय टीमों के बीच आपसी सीख को बनाए रखना और उसका विस्तार आसान बनाना है, जो प्रायोगिक चरण में स्वाभाविक रूप से शुरू हुई थी. इससे किसी एक संस्थान में विकसित साधन, कार्यप्रक्रिया या बड़ी तकनीकी उपलब्धि पूरे समाचार क्षेत्र के लिए साझा बुनियादी ढाँचे का हिस्सा बन सकेगी.

ये प्रयास मिलकर सफल प्रयोगों से ऐसे प्रभाव की ओर बढ़ने का संकेत देते हैं जिसे बड़े पैमाने तक पहुँचाया जा सके. इनसे व्यावहारिक एआई समाधान बनेंगे, जो फेलोशिप के दायरे से कहीं आगे तक स्थानीय पत्रकारिता को मज़बूत कर सकेंगे.

स्थानीय पत्रकारिता के भविष्य के लिए एक आदर्श व्यवस्था

लेनफेस्ट संस्थान समाचार संस्थानों की टीमों में एआई इंजीनियरिंग विशेषज्ञता को साझा साधनों, तकनीकी बुनियादी ढाँचे और संस्थानों के बीच आपसी सीख से जोड़ रहा है. उसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कुछ संपादकीय टीमों में विकसित नवाचार अंततः सैकड़ों अन्य टीमों को भी लाभ पहुँचा सकें.

OpenAI के साथ फिर से मज़बूत होती और बढ़ती साझेदारी इस साझा विश्वास को दर्शाती है कि स्थानीय पत्रकारिता को एआई से सबसे अधिक लाभ तभी मिल सकता है, जब समाचार संस्थानों के पास उसका सुरक्षित इस्तेमाल करने के लिए विशेषज्ञता, बुनियादी ढाँचा और सहयोगी संस्थानों का नेटवर्क हो. फेलोशिप में कारगर साबित हुए तरीकों का विस्तार करके लेनफेस्ट संस्थान अधिक समाचार संस्थानों को उभरती तकनीक अपनाने में मदद देने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, ताकि वे अपनी पत्रकारिता मज़बूत कर सकें, टिकाऊ व्यवसाय बना सकें और अपने समुदायों की बेहतर सेवा कर सकें.

लेखक

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