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OpenAI

14 सितंबर 2026

स्टार्टअप

Fyxer ने भरोसेमंद AI एग्ज़ीक्यूटिव असिस्टेंट कैसे बनाया

Fyxer, OpenAI मॉडल्स को 500,000+ घंटों के EA वर्कफ़्लोज़ और असली यूज़र फ़ीडबैक के साथ इस्तेमाल करता है, ताकि हर व्यक्ति के अंदाज़ में जवाबों के ड्राफ़्ट तैयार किए जा सकें.

कंपनी की साइज़: स्टार्टअप
क्षेत्र: यूरोप & UK
इंडस्‍ट्री: टेक्‍नोलॉजी
प्रॉडक्ट्स: API

90%

90 दिनों के बाद यूज़र रिटेंशन

53%

AI से तैयार ड्राफ़्ट्स में से इतने बिना बदलाव के स्वीकार किए गए

लोड किया जा रहा है...

कई प्रोफ़ेशनल्स के लिए काम का मतलब इनबॉक्स, मीटिंग्स, मैसेज और ऐप्स में चल रही बातचीत और किए गए वादों पर नज़र रखना है. अगर कॉन्टेक्स्ट पूरी तरह साफ़ न हो, तो कुछ ज़रूरी चीज़ें छूट सकती हैं और इसका असर प्रोजेक्ट्स और रिश्तों पर पड़ सकता है.

Fyxer ने एक AI एग्ज़ीक्यूटिव असिस्टेंट बनाया है, जो अलग-अलग टूल्स में काम आगे बढ़ने पर पूरी बातचीत का सिलसिला समझता रहता है. यह लेटेस्ट OpenAI मॉडल्स को 500,000 से ज़्यादा घंटों के एग्ज़ीक्यूटिव असिस्टेंट वर्कफ़्लोज़ के साथ जोड़ता है. काम को दर्जनों खास मॉडल्स में बाँटा जाता है, जो असली यूज़र फ़ीडबैक से लगातार बेहतर होते हैं.

ईमेल में यह सबसे साफ़ दिखता है कि सिस्टम कैसे काम करता है. दो लोगों को एक ही ईमेल मिल सकता है, लेकिन उनके रिश्ते, पहले क्या हुआ है और वे क्या करना चाहते हैं, इसके आधार पर दोनों के जवाब बिल्कुल अलग हो सकते हैं. इसलिए जो काम देखने में आसान लगता है, वह AI के लिए काफ़ी मुश्किल हो सकता है.

"Moravec’s paradox नाम की एक चीज़ है," Fyxer के को-फ़ाउंडर आर्ची हॉलिंग्सवर्थ बताते हैं. "जो चीज़ें इंसानों को आसान लगती हैं, वे कंप्यूटर्स के लिए मुश्किल होती हैं और जो चीज़ें कंप्यूटर्स के लिए आसान होती हैं, वे इंसानों के लिए मुश्किल हो सकती हैं." Fyxer हर यूज़र के काम करने के तरीके से सीखकर इस मुश्किल को संभालता है, ताकि वह ऐसे असिस्टेंट की तरह जवाब दे सके जिसे पहले से पता हो कि क्या मायने रखता है.

OpenAI के फ़्रंटियर मॉडल्स इस पूरे एक्सपीरियंस के अहम हिस्सों में काम आते हैं, जैसे ईमेल को समझना, सही कॉन्टेक्स्ट ढूँढना और ड्राफ़्ट तैयार करना. Fyxer ने OpenAI को इसलिए चुना क्योंकि उसके मॉडल्स ने Fyxer के इंटरनल बेंचमार्क्स पर सबसे अच्छा परफ़ॉर्म किया, टोन और इरादे जैसे सब्जेक्टिव टास्क्स के लिए मज़बूत फ़ाइन-ट्यूनिंग क्षमता दी और व्हाइटबोर्डिंग सेशन्स और टेक्निकल सहयोग के ज़रिए सीधे इंजीनियरिंग सपोर्ट भी दिया.

"हमने OpenAI को चुना क्योंकि उनके मॉडल्स सबसे बेहतर हैं, और उन्होंने हमें सीधा एक्सेस और साथ मिलकर काम करने का अच्छा मौका दिया है. मैं Slack पर कोई सवाल डाल सकता हूँ और जल्दी जवाब मिल जाता है. जब हमारे सामने कोई समस्या आती है, तो उनकी टीम हमारे ऑफ़िस आती है और हमारे साथ मिलकर उसे हल करती है. वे सच में साथ खड़े रहते हैं."
—आर्ची हॉलिंग्सवर्थ, को-फ़ाउंडर, Fyxer

ज़्यादा कॉन्टेक्स्ट समझने वाले AI प्रोडक्ट्स बना रहे फ़ाउंडर्स के लिए Fyxer के तरीकों से तीन अहम बातें सीखने को मिलती हैं:

1. ईमेल के काम को छोटे हिस्सों में बाँटें

Fyxer ने अपना सिस्टम 30–50 खास मॉडल्स के आसपास बनाया है, जहाँ हर मॉडल ईमेल वर्कफ़्लो के एक छोटे हिस्से की ज़िम्मेदारी संभालता है. ईमेल को सिर्फ़ एक टेक्स्ट-जेनरेशन टास्क मानने के बजाय, Fyxer इसे कई छोटे फ़ैसलों में बाँटता है, जैसे यह तय करना कि किसी मैसेज का जवाब देना ज़रूरी है या ऐसा जवाब ड्राफ़्ट करना जो यूज़र के टोन और कॉन्टेक्स्ट से मेल खाए.

हॉलिंग्सवर्थ बताते हैं, "एक मॉडल से अच्छा ईमेल लिखने को कहने के बजाय समस्या को कई छोटे मॉडल्स में बाँटना काफ़ी बेहतर काम करता है".

जब नया ईमेल आता है, तो जवाब देने वला डिसिज़न मॉडल मैसेज को अलग कैटेगरी में रखता है: क्या इसका जवाब देना ज़रूरी है, कोई शेड्यूलिंग ऐक्शन लेना है, या यह सिर्फ़ ऐसी जानकारी है जिसे यूज़र को देखना चाहिए?

अगर जवाब देना ज़रूरी हो, तो दूसरे मॉडल्स ईमेल के इरादे को समझते हैं और यह अनुमान लगाते हैं कि बातचीत आगे किस दिशा में जा सकती है. ये मॉडल्स ऐसे पैटर्न पहचानते हैं, जैसे बातचीत मीटिंग शेड्यूल करने की ओर बढ़ रही है, किसी रिक्वेस्ट को हल करने की ओर, या किसी लंबे रिश्ते से जुड़ी बातचीत को आगे बढ़ाने की ओर.

मेमोरी इस सिस्टम के सबसे अहम हिस्सों में से एक है. Fyxer को तय करना होता है कि कौन-सी जानकारी अलग-अलग बातचीत में बनी रहनी चाहिए और कौन-सी जानकारी एक बार की बातचीत के बाद हट जानी चाहिए. नया ईमेल आने पर रिट्रीवल मॉडल्स उसकी तुलना पहले सेव हुई बातचीत से करते हैं और उस व्यक्ति और थ्रेड से जुड़ी सबसे काम की मेमोरी सामने लाते हैं.

OpenAI मॉडल्स Fyxer के सिस्टम के कई स्टेप्स में काम करते हैं. शान्तसिला कहते हैं, "हम OpenAI मॉडल्स का इस्तेमाल ईमेल को समझने से लेकर, यह जानने तक कि वह असल में किस बारे में है, शामिल करने वाले कॉन्टेक्स्ट को लाने और उसकी प्राथमिकता दोबारा तय करने, और आखिर में ईमेल तैयार करने तक करते हैं."

2. यह सीखना कि अच्छे असिस्टेंट असल में कैसे काम करते हैं

अपना AI प्रोडक्ट लॉन्च करने से पहले, Fyxer ने कई साल तक लोगों के ज़रिए चलने वाली एग्ज़ीक्यूटिव असिस्टेंट सर्विस चलाई. समय के साथ टीम ने 500,000 घंटे से ज़्यादा के एनोटेटेड एग्ज़ीक्यूटिव वर्कफ़्लोज़ से एक डेटासेट तैयार किया, जिसमें यह दर्ज था कि असली असिस्टेंट प्रोफ़ेशनल कम्युनिकेशन कैसे संभालते हैं.

इन उदाहरणों से Fyxer को सीधे असली काम से तैयार ट्रेनिंग का डेटा मिला. इसमें अच्छे जवाब के पीछे होने वाले छोटे-छोटे फ़ैसले शामिल थे, जैसे कब जल्दी जवाब देना है, कब इंतज़ार करना है, पिछली कौन-सी बातचीत मायने रखती है और एक ही रिक्वेस्ट का जवाब अलग-अलग लोगों के लिए अलग क्यों हो सकता है.

Fyxer अपने पूरे सिस्टम में सुपरवाइज़्ड फ़ाइन-ट्यूनिंग और लो-रैंक अडैप्टेशन (LoRA) का इस्तेमाल करता है, ताकि अलग-अलग कामों के लिए खास मॉडल वेरिएंट्स बनाए जा सकें और ट्रेनिंग की लागत भी काबू में रहे. प्रोडक्ट डेवलपमेंट के शुरुआती दौर में टीम ने उन कामों के लिए OpenAI के फ़ाइन-ट्यूनिंग प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल किया जहाँ ज़्यादा एक्यूरेसी की ज़रूरत थी. हाल में, Fyxer ने OpenAI की मैनेज्ड फ़ाइन-ट्यूनिंग टीम के साथ मिलकर प्रोडक्शन में एक नया चेकपॉइंट लगाया.

"हमारे कस्टमर्स के बारे में हमने जो सीखा है, उसे मॉडल्स के काम करने के तरीके में सही तरह से शामिल करने में OpenAI ने हमारे लिए बहुत अहम भूमिका निभाई है."
—जॉय ड्वोनचिक, AI/ML प्रोडक्ट इंजीनियर, Fyxer

किसी भी मॉडल को इस्तेमाल में लाने से पहले, Fyxer उसे अपने ईमेल टास्क्स के लिए बनाए गए वैलिडेशन सेट्स पर परखता है. इनमें ड्राफ़्टिंग, क्लासिफ़िकेशन और प्रायोरिटाइज़ेशन जैसे काम शामिल हैं. टीम एक्यूरेसी के साथ रिस्पॉन्स टाइम और लागत को भी देखती है, क्योंकि सबसे अच्छा ऑप्शन काम के हिसाब से बदल सकता है.

3. यूज़र फ़ीडबैक से लगातार सीखने वाला लूप बनाना

इस्तेमाल में आने के बाद भी Fyxer का सिस्टम असली यूज़र फ़ीडबैक से लगातार बेहतर होता रहता है. जब कोई यूज़र ईमेल भेजने से पहले ड्राफ़्ट में बदलाव करता है, तो ओरिजिनल और फ़ाइनल ईमेल के बीच का फ़र्क दिखाता है कि यूज़र ने किस तरह के आउटपुट को पसंद किया.

Fyxer इन तुलनाओं को डायरेक्ट प्रेफ़रेंस ऑप्टिमाइज़ेशन (DPO) की मदद से ट्रेनिंग डेटा में बदलता है. हर उदाहरण को मैन्युअली लेबल करने के बजाय, मॉडल आउटपुट के पेयर से सीखता है: असली ड्राफ़्ट और यूज़र के बदलाव वाला वर्ज़न.

इसके बाद ड्राफ़्टिंग में हर बदलाव का A/B टेस्ट किया जाता है. Fyxer नया वर्ज़न तभी जारी करता है जब उससे आँकड़ों के हिसाब से साफ़ सुधार दिखे. यूज़र्स की बड़ी संख्या की वजह से टीम कभी-कभी एक दिन में ही इस स्तर तक पहुँच जाती है.

आज Fyxer के AI से तैयार 53% ड्राफ़्ट्स बिना बदलाव के स्वीकार किए जाते हैं. इसका मतलब है कि सिस्टम असली बातचीत के बड़े हिस्से में यूज़र का इरादा और टोन सही तरह से समझ पा रहे हैं. सिर्फ़ 2025 में ही Fyxer का सालाना रिकरिंग रेवेन्यू $1 मिलियन से बढ़कर $32 मिलियन हो गया.

हॉलिंग्सवर्थ के लिए इससे भी अहम संकेत रिटेंशन है. Fyxer के कई कस्टमर्स बहुत ज़्यादा टेक्निकल बैकग्राउंड से नहीं आते, और कुछ के लिए Fyxer पहला AI सिस्टम है जिसका वे हर दिन इस्तेमाल करते हैं.

"हर कोई ARR की बात करता है, लेकिन मेरे लिए असली बात रिटेंशन है. हमारे 90% से ज़्यादा यूज़र्स 90 दिनों के बाद भी हमारे साथ बने हुए हैं, पेमेंट कर रहे हैं और हर दिन Fyxer का इस्तेमाल कर रहे हैं."
—आर्ची हॉलिंग्सवर्थ, को-फ़ाउंडर, Fyxer

ड्राफ़्ट्स से आगे, एक प्रोऐक्टिव असिस्टेंट तक

आगे बढ़ते हुए, Fyxer रिश्तों, पसंद और चल रहे काम से जुड़े थ्रेड्स को और बेहतर तरीके से समझने की क्षमता तैयार कर रहा है. उनका असिस्टेंट अब सिर्फ़ जवाबों के ड्राफ़्ट तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि एक बड़े AI असिस्टेंट के रूप में आगे बढ़ रहा है, जो यूज़र के कम्युनिकेशन और कोऑर्डिनेशन से जुड़े ज़्यादा काम संभाल सके.

हॉलिंग्सवर्थ कहते हैं, "हमारा विज़न है कि हमारे कस्टमर्स अपना ज़्यादा-से-ज़्यादा समय उस काम में लगा सकें जो उन्हें सच में पसंद है, हम उन्हें ऐसी जगह तक पहुँचाना चाहते हैं जहाँ उन्हें अपना कंप्यूटर खोलने की ज़रूरत ही न पड़े और वे यह भरोसा कर सकें कि Fyxer बाकी सब संभाल लेगा."