“प्रायोजित असंतोष” अभियान: जनमत को प्रभावित करने की गतिविधि
OpenAI ने संभवतः चीन से संचालित उन खातों पर प्रतिबंध लगाया, जो एआई से अंग्रेज़ी में सोशल मीडिया पोस्ट और स्पैनिश में लेख तैयार कर रहे थे.
यह अध्ययन मूल रूप से OpenAI की फ़रवरी 2025(एक नई विंडो में खुलेगा) की रिपोर्ट में प्रकाशित हुआ था.
गतिविधि के पीछे का पक्ष
हमने उन ChatGPT खातों पर प्रतिबंध लगाया, जो हमारे मॉडलों से अंग्रेज़ी में छोटी टिप्पणियाँ और स्पैनिश में विस्तृत समाचार लेख तैयार कर रहे थे. इस गतिविधि का समय मुख्यभूमि चीन में कामकाज के घंटों से मेल खाता था. स्पैनिश भाषा के ये लेख लैटिन अमेरिका की समाचार वेबसाइटों पर प्रकाशित हुए थे. लगभग सभी वेबसाइटों ने लेखों का श्रेय एक व्यक्ति को दिया था. कुछ मामलों में लेख के लेखक-परिचय में उस व्यक्ति का संबंध एक चीनी कंपनी, जिलिन योउसेन कल्चर कम्युनिकेशन कंपनी लिमिटेड (优森文化有限公司), से बताया गया था.
कार्यशैली
इन खातों से ChatGPT को चीनी भाषा में निर्देश दिए जाते थे और ये मुख्यतः मुख्यभूमि चीन में कामकाज के घंटों के दौरान सक्रिय रहते थे. कुछ गतिविधियाँ “स्पैमूफ़्लाज” नाम के गुप्त प्रभाव अभियान से मेल खाती थीं, जिसके बारे में हमने मई में रिपोर्ट दी थी. इसके तहत अंग्रेज़ी में छोटी टिप्पणियाँ और छवियाँ तैयार की गईं, जिनमें चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सेंट्रल पार्टी स्कूल की पूर्व प्रोफ़ेसर और सरकार की आलोचक काई शिया की आलोचना की गई थी. फिर यह सामग्री X पर ऐसे खातों से पोस्ट की गई, जो खुद को अमेरिका या भारत के लोगों के खाते बताते थे.

इन खातों द्वारा हमारे मॉडलों से तैयार किए गए ट्वीट, जिन्हें चार अलग-अलग X खातों से पोस्ट किया गया.
अगर केवल यही गतिविधि हुई होती, तो हम इस निष्कर्ष पर पहुँच सकते थे कि इसका संबंध संभवतः “स्पैमूफ़्लाज” से था. लेकिन इन छोटी टिप्पणियों के साथ-साथ इन खातों ने स्पैनिश में अमेरिका की आलोचना करने वाले विस्तृत लेख भी तैयार किए. पेरू में 2024 के एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग मंच के आयोजन से पहले यह गतिविधि विशेष रूप से बढ़ गई थी. गतिविधि चलाने वाले पक्ष ने हमारे मॉडलों से सार्वजनिक रूप से उपलब्ध चीनी भाषा के लेखों का अनुवाद और विस्तार करवाकर ये लेख तैयार किए.
फिर ये लेख लैटिन अमेरिका की समाचार वेबसाइटों पर प्रकाशित हुए, खासकर पेरू में, लेकिन साथ ही मेक्सिको और इक्वाडोर में भी. समाचार वेबसाइटों पर अक्सर ये लेख उसी दिन प्रकाशित हो जाते थे, जिस दिन इन खातों ने ChatGPT से उनकी सामग्री तैयार की होती थी. लगभग सभी प्रकाशनों ने लेखों का श्रेय एक ही व्यक्ति को दिया था. कुछ ने उस व्यक्ति को एक ऐसी कंपनी का कानूनी प्रतिनिधि बताया, जो हमारे आकलन में चीनी कंपनी है.
यह पहली बार है जब हमने संभवतः चीन से जुड़े किसी पक्ष को जनमत प्रभावित करने के लिए लैटिन अमेरिका के मुख्यधारा के मीडिया संस्थानों में सफलतापूर्वक लेख प्रकाशित करवाते देखा है. कुछ लेखों का प्रकाशन वित्तीय समझौते के तहत हुआ हो सकता है: सार्वजनिक स्रोतों पर शोध के ज़रिए हमने जो लेख खोजे, उनमें से एक को “प्रायोजित” बताया गया था. इसके अलावा, गतिविधि चलाने वाले पक्ष ने लैटिन अमेरिका के एक समाचार संगठन की स्पैनिश भाषा में जारी रसीदों के उल्लेखों का अनुवाद करने के लिए भी ChatGPT का इस्तेमाल किया. यह भुगतान करके सामग्री प्रकाशित करवाने का संकेत था.

इस पक्ष द्वारा तैयार किए गए और wapa[.]pe वेबसाइट पर प्रकाशित लेख का स्क्रीनशॉट. “प्रायोजित”, यानी प्रायोजित सामग्री के उल्लेख पर ध्यान दें.
प्रायोजित सामग्री के संभावित इस्तेमाल और अमेरिकी राजनीति व नीतियों के प्रति इस अभियान के नकारात्मक रुख को देखते हुए, हमने इसे “प्रायोजित असंतोष” नाम दिया है.
तैयार की गई सामग्री
इस पक्ष ने मुख्यतः दो तरह की सामग्री तैयार की: अंग्रेज़ी और चीनी में काई शिया की आलोचना करने वाली छोटी टिप्पणियाँ, और स्पैनिश में विस्तृत लेख.
काई शिया की आलोचना तैयार करवाते समय, Operator आम तौर पर ChatGPT से उनके पोस्ट किए हुए ट्वीट या वीडियो, या मीडिया में उनके उल्लेखों पर प्रतिक्रिया देने को कहता था. कुछ टिप्पणियों में ताइवान, इंटरनेट, चीनी साहित्य और इतिहास जैसे विषयों पर उनकी विशेषज्ञता को चुनौती दी गई थी. अन्य टिप्पणियों में उन पर वीज़ा संबंधी अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था.
स्पैनिश के विस्तृत लेख अमेरिका के सामाजिक और राजनीतिक विभाजनों पर केंद्रित थे और आम तौर पर समसामयिक घटनाओं व ताज़ा ख़बरों पर आधारित थे. इनके विषयों में असमानता, राजनीतिक हिंसा, भेदभाव और लैंगिक भेदभाव के साथ-साथ अपराध की ख़बरें और अमेरिकी विदेश नीतियों की आलोचना भी शामिल थी. नशीले पदार्थों का सेवन और बेघर होने जैसी सामाजिक समस्याएँ भी प्रमुख विषय थीं. Operator अक्सर इन संकटों या समस्याओं को अमेरिका के नेतृत्व या समाज की विफलता के संकेत के रूप में पेश करता था. इस गतिविधि में मोटे तौर पर किसी एक दल का पक्ष नहीं लिया गया और अमेरिका के दोनों प्रमुख दलों की आलोचना की गई.
प्रभाव
हमें ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि सोशल मीडिया पर काई शिया को निशाना बनाने वाली सामग्री पर वास्तविक उपयोगकर्ताओं ने बड़ी संख्या में प्रतिक्रिया दी हो. इसे पोस्ट करने वाले सोशल मीडिया खातों के आम तौर पर बहुत कम अनुयायी थे और उनकी पोस्ट पर नाममात्र की प्रतिक्रियाएँ आती थीं.
हालाँकि, यह पहली बार है जब हमने चीन से संचालित किसी प्रभाव अभियान को अमेरिका की आलोचना के लिए लैटिन अमेरिकी मीडिया में सफलतापूर्वक विस्तृत लेख छपवाते देखा है. हो सकता है कि इसमें कम-से-कम कुछ सफलता सामग्री प्रकाशित करवाने के लिए भुगतान करने से मिली हो. फिर भी, जहाँ तक हमें पता है, यह ऐसा प्रयास था जिसकी पहले कोई रिपोर्ट नहीं आई थी. यह अधिक सामान्य सोशल मीडिया गतिविधियों के समानांतर चला और संभव है कि कहीं अधिक व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचा हो, हालाँकि हम स्वतंत्र रूप से यह पता नहीं लगा सकते कि लोगों ने इस पर कितनी प्रतिक्रिया दी.
प्रभाव अभियानों का असर मापने के लिए प्रसार पैमाने(एक नई विंडो में खुलेगा) का इस्तेमाल करने पर, जो उन्हें 1 (सबसे कम) से 6 (सबसे अधिक) तक आँकता है, हम इसे श्रेणी 4 (मुख्यधारा के मीडिया तक पहुँच) में रखेंगे. इसकी वजह लैटिन अमेरिकी समाचार वेबसाइटों का व्यापक पाठक वर्ग है.
इस गतिविधि से जुड़े प्रकाशित लेखों के शीर्षक
हमने पाया कि ये लेख उस सामग्री से मेल खाते हैं, जिसे इस पक्ष ने हमारे मॉडलों से तैयार किया था.
यूक्रेन युद्ध में सहायता देकर अमेरिका कैसे लाभ उठाता है: एक घिनौना सच (ला रेपुब्लिका, पेरू).
अमेरिका में बेघर लोगों की समस्या की दुखद हक़ीक़त (वापा, पेरू).
एक फ़िलिस्तीनी कार्यकर्ता पर अमेरिकी प्रतिबंधों के पीछे का बेतुका तर्क (एल पोपुलार, पेरू).
मर्दानगी का बेतुका तमाशा (लिबेरो, पेरू).
हर ओर छाए साए (एल पोपुलार, पेरू).
अमेरिका में लोकतंत्र के प्रति राजनीतिक दलों के शीर्ष नेतृत्व का तिरस्कार (एल पोपुलार, पेरू).
चुनावी भाषणों में पारदर्शिता की कमी और जनमत में हेरफेर (लिबेरो, पेरू).
होटल कर्मचारियों की हड़ताल और संघर्ष (ला रेपुब्लिका, पेरू).
अमेरिकी प्रतिबंधों की बेअसरी और खुद थोपी गई सीमाएँ (एल उनिवेर्साल, मेक्सिको).
फ़ेंटानिल की जकड़ में दबी चीखें (ला रेपुब्लिका, पेरू).
“हेलेन” तूफ़ान: अमेरिकी नेताओं के झूठे बयान और साज़िश के दावे (वापा, पेरू).
आयात शुल्कों की धुंध: ट्रंप की अल्पकालिक सोच वाली नीति और अमेरिकी अर्थव्यवस्था का भविष्य (ला रेपुब्लिका, पेरू).
अमेरिकी समाज में खाद्य सुरक्षा की समस्या और स्कूलों पर उसका असर (एक्स्ट्रा, इक्वाडोर).
अमेरिका की त्रासदी: जब सच पर पर्दा डाला जाता है (एक्सप्रेसो, इक्वाडोर).
अमेरिका में बच्चों की सुरक्षा का संकट (ला रेपुब्लिका, पेरू).
ब्रुकलिन में हिंसा का साया (एल प्लुराल, स्पेन).
एक हत्यारे की ऐश: करदाताओं के पैसे से शल्यचिकित्सा (एल उनिवेर्साल, मेक्सिको).
इसराइल का समर्थन और मानवीय संकट की अनदेखी (ला रेपुब्लिका, पेरू).
अमेरिकी चुनावों में विनाशकारी होड़ (वापा, पेरू).