Daybreak से Check Point सुरक्षा कमज़ोरियों की रिसर्च तेज़ करता है
OpenAI Daybreak से Check Point नई सुरक्षा के लिए रिसर्च तेज़ करता है. इससे एनालिस्ट्स सुरक्षा में कमज़ोरियों की जानकारी से कस्टमर्स के लिए सुरक्षा उपाय जल्दी बना पाते हैं.

नतीजे
घंटों का काम अब मिनटों में
Daybreak से सुरक्षा में कमज़ोरियों की रिसर्च
पहले Check Point को सुरक्षा में कमज़ोरियों की रिसर्च का वर्कफ़्लो पूरा करने में कई घंटे लगते थे. Check Point के CTO जोनाथन ज़ैंगर के मुताबिक, OpenAI Daybreak Defense Network का हिस्सा बनने के बाद कंपनी Daybreak की मदद से यह काम अब कुछ ही मिनटों में कर पाती है. Daybreak, सिक्योरिटी टीमों को OpenAI के फ़्रंटियर साइबर मॉडल्स का एक्सेस देता है. ये मॉडल्स सुरक्षा में कमज़ोरियों का एनालिसिस कर सकते हैं, हमले के संभावित रास्तों को समझ सकते हैं और कोड व कॉन्फ़िगरेशन में सुरक्षा से जुड़ी कमियाँ पहचान सकते हैं.
Check Point अपने AI, वर्कस्पेस, क्लाउड और नेटवर्क सिक्योरिटी प्रोडक्ट्स की मदद से 1 लाख से ज़्यादा ऑर्गेनाइज़ेशन्स को सुरक्षित रखने में मदद करता है. Check Point Research नई सामने आने वाली सुरक्षा कमज़ोरियों की जाँच करता है और रिसर्च से मिली जानकारी के आधार पर कस्टमर्स के लिए सुरक्षा उपाय तैयार करने में मदद करता है. यह कंपनी के उस तरीके का हिस्सा है, जिसमें हमलों को होने से पहले रोकने पर फ़ोकस किया जाता है. Daybreak इस रिसर्च को तेज़ बनाता है, जिससे सुरक्षा में कमज़ोरी समझने से लेकर उसके खिलाफ़ सुरक्षा उपाय तैयार करने तक का समय कम हो जाता है.
"OpenAI, फ़्रंटियर साइबर सिक्योरिटी इंटेलिजेंस को सुरक्षा टीमों तक पहुँचा रहा है. इससे Check Point जैसी कंपनियाँ इस जानकारी का इस्तेमाल करके साइबर खतरों को रोकने के उपाय तैयार कर सकती हैं."
ज़ैंगर कहते हैं, "साइबर खतरों की संख्या बढ़ रही है और ये पहले से ज़्यादा मुश्किल होते जा रहे हैं." Check Point के लिए इन खतरों से निपटने का मतलब है, सुरक्षा में नई सामने आई कमज़ोरियों की जानकारी का इस्तेमाल करके कस्टमर्स के लिए जल्द-से-जल्द सुरक्षा उपाय तैयार करना. वे कहते हैं, "जब भी सुरक्षा में कोई नई कमज़ोरी सामने आती है, तो हमारा काम यह देखना होता है कि हमारे कस्टमर्स जल्द-से-जल्द उससे सुरक्षित हो जाएँ."
यह काम एक्सपर्ट एनालिस्ट्स पर निर्भर करता है, जो सुरक्षा में कमज़ोरियों की जाँच करते हैं. फिर वे अपनी रिसर्च के आधार पर सिक्योरिटी सिग्नेचर्स या साइबर हमले के संकेत तैयार करते हैं, जिनकी मदद से Check Point के सिस्टम्स खतरों की पहचान करते हैं. इस रिसर्च के लिए खास एक्सपर्टीज़ की ज़रूरत होती है. पहले टीम कितना काम कर सकती थी, यह रिसर्च करने वाले एनालिस्ट्स की संख्या पर निर्भर था.
Check Point इस वर्कफ़्लो के ज़्यादा हिस्सों को ऑटोमेट करने के लिए OpenAI Daybreak का इस्तेमाल करता है. ज़ैंगर कहते हैं, "हम Daybreak की मदद से इस प्रोसेस को तेज़ और ऑटोमेट कर रहे हैं. अब हम यह काम घंटों के बजाय मिनटों में कर सकते हैं." इसका सबसे बड़ा फ़ायदा मॉडल्स की रीज़निंग क्षमता से मिलता है, जिससे वे सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को गहराई से समझ पाते हैं.
"OpenAI Daybreak सुरक्षा में कमज़ोरियों को समझ सकता है, हमले के अलग-अलग पैटर्न्स का एनालिसिस कर सकता है और कोड स्कैन करके सुरक्षा से जुड़ी कमियाँ पहचान सकता है."
ज़ैंगर बताते हैं कि अब मॉडल्स मुश्किल कोड और कॉन्फ़िगरेशन्स को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं. साथ ही, यह भी पहचान सकते हैं कि किसी सिस्टम पर किन तरीकों से हमला हो सकता है. Check Point के मुताबिक, ये क्षमताएँ अब इतनी बेहतर हो चुकी हैं कि इन्हें साइबर सिक्योरिटी वर्कफ़्लोज़ में इस्तेमाल किया जा सकता है. सुरक्षा में कमज़ोरियों की रिसर्च के दौरान Daybreak उन जाँचों में मदद करता है, जिनके आधार पर सिक्योरिटी सिग्नेचर्स या साइबर हमले के संकेत तैयार किए जाते हैं. इससे एनालिस्ट्स किसी खतरे को समझकर उसके खिलाफ़ सुरक्षा उपाय तेज़ी से तैयार कर सकते हैं.
Check Point, OpenAI के साथ मिलकर Daybreak की मदद से अपना एजेंटिक नेटवर्क सिक्योरिटी ऑर्केस्ट्रेशन सॉल्यूशन भी डेवलप कर रहा है. ज़ैंगर के बताए तरीके में कस्टमर्स के सिस्टम्स और एनवायरनमेंट को लगातार मॉनिटर किया जाएगा. साथ ही, सिस्टम के काम करने की सीमाएँ पहले से साफ़ तौर पर तय होंगी और अहम असर डालने वाले ऐक्शन्स के लिए लोगों की मंज़ूरी ज़रूरी होगी. कस्टमर्स अपने सिक्योरिटी लक्ष्य तय करेंगे. सिस्टम उन्हें बताएगा कि जाँच में क्या सामने आया, कौन-से ऐक्शन्स सुझाए गए हैं और उनसे क्या रिस्क हो सकते हैं. इसके आधार पर कस्टमर्स आगे का फ़ैसला ले सकेंगे.
अब सुरक्षा में कमज़ोरियों की रिसर्च कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है. इसलिए Check Point की अगली प्रायोरिटी इन कमज़ोरियों को ठीक करना है. कंपनी Daybreak की क्षमताओं का इस्तेमाल करके अपनी सिक्योरिटी टीमों के लिए पहचानी गई सुरक्षा कमज़ोरियों को दूर करना आसान बनाना चाहती है.
"OpenAI के Daybreak को अपने मौजूदा सिक्योरिटी वर्कफ़्लोज़ के साथ जोड़कर हम ऑटोमेशन को एक नए लेवल पर ले जा सकते हैं. इससे खतरों को रियल टाइम में रोका जा सकता है."
Check Point के कस्टमर्स के लिए तेज़ रिसर्च का मतलब है कि सुरक्षा में नई सामने आई कमज़ोरियों के खिलाफ़ उपाय भी जल्दी तैयार किए जा सकते हैं. Daybreak की मदद से Check Point इस काम को आगे बढ़ाकर ज़्यादा ऑटोनॉमस सिक्योरिटी सिस्टम्स तैयार करना चाहता है. इनमें कस्टमर्स अपने सिक्योरिटी लक्ष्य तय करेंगे और अहम असर डालने वाले ऐक्शन्स को मंज़ूरी देंगे.


