
चीफ़ कमर्शियल ऑफ़िसर, Giancarlo "GC" Lionetti, हमारी सीरीज़ की शुरुआत करते हैं कि कैसे OpenAI हमारी टेक्नोलॉजी पर अपने खुद के सॉल्यूशन्स बना रहा है.
AI अब सिर्फ़ एक एक्सपेरिमेंट से बहुत आगे बढ़ चुका है. अब ये काम के लिए इंफ़्रास्ट्रक्चर के तौर पर काम करता है, और पायलट प्रोजेक्ट्स से हटकर ऐसे सिस्टम्स में बदल रहा है, जो रोज़मर्रा के फ़ैसलों को आकार देते हैं. हालांकि हमारे मॉडल्स स्पीड, खर्चा, और कैपेबिलिटी में सुधार करते हैं, लेकिन उनके अपनाए जाने की प्रक्रिया शायद ही कभी सीधी रेखा में आगे बढ़ती है. इस टेक्नोलॉजी का फ़ायदा उठाने के लिए ऑर्गनाइज़ेशन्स को अक्सर ज़रूरी बदलाव की ज़रुरत पड़ती है.
OpenAI के अंदर भी हम यही तनाव देखते हैं. AI पर अपना बिज़नेस चलाने का मतलब है उन सवालों का सामना करना जो हरेक कस्टमर पूछता है: शुरूआत कहां से करें, मौजूदा वर्कफ़्लो के साथ नए टूल्स को कैसे अलाइन करें, जैसे-जैसे स्थिति बदलती है, प्रोग्रेस को कैसे मापें. जब मैं कस्टमर्स से मिलता हूं, तो वे मुझसे यही सवाल पूछते हैं, "OpenAI, OpenAI का इस्तेमाल कैसे करता है?"
हमारी अप्रोच AI को एक ऐसी प्रैक्टिस के तौर पर देखना है जो काम की क्वालिटी को बढ़ाए.
हर कंपनी विशेषज्ञता पर निर्भर करती है. वो सेल्सपर्सन जो भरोसा बनाता है, वो सपोर्ट लीड जो सबसे मुश्किल समस्या को हल करता है, वो इंजीनियर जो कॉम्प्लेक्सिटी में व्यवस्था ढूंढता है. AI उस विशेषज्ञता को समेटता है और उसे टीमों में बांटता है, जिससे हरेक क्षेत्र का प्रभाव बढ़ता है.
हमारे बनाने का तरीका यही है. हमारी GTM, प्रोडक्ट और इंजीनियरिंग टीमें अपने रोज़ाना के वर्कफ़्लो को स्टडी करती हैं, तय करती हैं कि क्या अच्छा दिखता है, और तिमाहियों के बजाय हफ्तों में बदलाव लाती हैं. हमने कुछ हाई-लीवरेज सिस्टम्स पर फ़ोकस करने का फ़ैसला किया, जिनका असर बहुत बड़ा होगा. हरेक टीम उन्हें लाइव डिप्लॉयमेंट्स में टेस्ट करती है, और वही स्किल्स डेवलप करती हैं जो हमारे कस्टमर्स भी सीखते हैं.
आज हम OpenAI पर OpenAI लॉन्च कर रहे हैं, एक ऐसी सीरीज़ जो दिखाती है कि हम अपने बिज़नेस के अंदर AI का कैसे इस्तेमाल करते हैं. हरेक कहानी एक असली समस्या और उसके समाधान पर आधारित है. हमारा लक्ष्य ऐसे पैटर्न शेयर करना है जिन्हें कंपनियां अपना सकें.
हम कुछ एग्ज़ाम्पल्स से शुरुआत करते हैं:
- GTM असिस्टेंट: एक Slack-बेस्ड टूल जो अकाउंट कॉन्टेक्स्ट और एक्सपर्ट नॉलेज को एक ही जगह साथ रखता है. ये रिसर्च, मीटिंग की तैयारी, और प्रोडक्ट से जुड़े सवाल-जवाब को आसान बनाता है, सेल्स की प्रोडक्टिविटी बढ़ाता है और रिज़ल्ट्स को बेहतर बनाता है.
- DocuGPT: एक एजेंट जो कॉन्ट्रैक्ट्स को स्ट्रक्चर्ड, सर्च करने लायक डेटा में बदल देता है. फ़ाइनेंस टीमें बड़े पैमाने पर ज़्यादा तेज़, और ज़्यादा नियमित रिव्यु के लिए इसका इस्तेमाल करती हैं.
- रिसर्च असिस्टेंट: एक ऐसा सिस्टम जो लाखों सपोर्ट टिकटों को बातचीत जैसी जानकारी में बदल देता है. टीमें ट्रेंड्स को जल्दी पहचान कर कस्टमर्स के फ़ीडबैक पर हफ़्तों नहीं, बल्कि मिनटों में कार्रवाई करती हैं.
- सपोर्ट एजेंट: AI एजेंट्स, लगातार इवैल्यूएशन्स और डायनामिक नॉलेज लूप्स पर बनाया गया एक ऑपरेटिंग मॉडल. ये हरेक बातचीत को ट्रेनिंग डेटा में बदल देता है, क्वालिटी बढ़ाता है, और प्रतिनिधियों को सिर्फ़ टिकट हैंडल करने वालों के बजाय सिस्टम बनाने वालों के तौर पर स्थापित करता है.
- इनबाउंड सेल्स असिस्टेंट: एक ऐसा सिस्टम जो हरेक लीड के लिए जवाबों को पर्सनलाइज़ करता है, प्रोडक्ट और कंप्लायंस से जुड़े सवालों का इंस्टेंट जवाब देता है, और योग्य संभावित कस्टमर्स को पूरी जानकारी के साथ प्रतिनिधियों तक पहुंचाता है. ये छूटे हुए मौकों को रेवेन्यु में बदल देता है.
हर कंपनी में एक स्किल होती है. AI इसका पैमाना तय करता है. भविष्य उन ऑर्गनाइज़ेशन्स का है जहां कर्मचारी अपनी विशेषज्ञता को संजोकर उसे पूरी कंपनी में बांटते हैं. जो कंपनियां स्किल और कोड को जोड़ती हैं, वे नई सीमाएं तय करेंगी.
अगर आप और ज़्यादा जानना चाहते हैं, तो हम आपसे संपर्क करना चाहेंगे. 6 अक्टूबर को DevDay में हमारे साथ जुड़ें, उसके तुरंत बाद टेक्निकल रीसोर्सेस उपलब्ध कराए जाएंगे.


