AI पॉलिसी पर काम करने का मौका अभी है. हमें ऐक्शन लेना होगा.
OpenAI के चीफ़ ग्लोबल अफ़ेयर्स ऑफ़िसर क्रिस लेहेन द्वारा
AI की क्षमताएँ अब एक नए दौर में पहुँच गई हैं, और इसके साथ AI पॉलिसी को भी एक नए दौर में जाना होगा. कोई एक कंपनी, इंडस्ट्री या सरकार अकेले इस चैलेंज का सामना नहीं कर सकती. इस समय हमें पॉलिसी को परफ़ेक्ट करने की जगह असरदार कदम उठाने पर ज़्यादा फ़ोकस करना होगा.
हम ये कदम उठा रहे हैं:
देश भर में AI सेफ़्टी के ज़रूरी नियमों पर ज़ोर दे रहे हैं. हम कांग्रेस के साथ मिलकर AI की क्षमताओं के आधार पर देश भर में लागू होने वाले ज़रूरी सेफ़्टी नियम बनाना चाहते हैं.
राज्यों में माहौल बनाए रखना. जब तक कांग्रेस कोई कदम नहीं उठाती, हम ऐसे राज्य कानूनों का समर्थन करते रहेंगे जो पूरे AI सेफ़्टी सिस्टम को मज़बूत बनाते हैं. आज हम कैलिफ़ोर्निया के चार विधेयकों का समर्थन कर रहे हैं: AI सेफ़्टी की बाहरी जाँच के पूरे सिस्टम से जुड़ा SB 813, AI ऑडिटर्स के लिए नियमों से जुड़ा AB 1405, युवाओं की सुरक्षा से जुड़ा SB 1119 और AI की मदद से पैदा होने वाले बायोलॉजिकल खतरों से बचाने के लिए AB 1864.
इंडस्ट्री के अपने नियमों को आगे बढ़ाना. हम दूसरी फ़्रंटियर लैब्स के साथ मिलकर फ़्रंटियर AI के लिए बेहतर नियम बनाने पर काम करेंगे. इसकी शुरुआत हम अपनी तरफ़ से करेंगे, चाहे सरकार का साथ मिले या नहीं.
ग्लोबल स्टैंडर्ड्स बनाना. हम ऐसे इंटरनेशनल तरीकों का समर्थन करेंगे जिनसे AI की क्षमताएँ मापी जा सकें, रिस्क संभाले जा सकें, इंसानों का कंट्रोल बना रहे और यह तय किया जा सके कि डेवलपमेंट को कब और कैसे धीमा या बंद करना चाहिए. भले ही इससे मॉडल की क्षमताओं को आगे बढ़ाने की रफ़्तार धीमी हो.
हमारे चीफ़ साइंटिस्ट याकुब पाखोत्स्की ने हाल ही में लिखा कि मशीन इंटेलिजेंस का तेज़ी से बढ़ना, जिसमें रिकर्सिव सेल्फ़-इम्प्रूवमेंट की संभावना भी शामिल है, इसमें "बहुत ज़्यादा सावधानी" की ज़रूरत है. OpenAI अलाइनमेंट और मॉनिटरिंग के लिए टेक्निकल सॉल्यूशन्स पर काम करना, डिफ़ेंसिव सिस्टम्स बनाना और ज़रूरत पड़ने पर डेवलपमेंट को धीमा करना जारी रखेगा. लेकिन अलग-अलग लैब्स के अंदर होने वाला टेक्निकल काम काफ़ी नहीं होगा. हमें कॉमन स्टैंडर्ड्स भी चाहिए, जिनमें यह भी साफ़ हो कि डेवलपमेंट कब धीमा या बंद किया जाना चाहिए.
इसके असर बहुत बड़े हो सकते हैं. एडवांस्ड AI नई दवाइयाँ बनाने की रफ़्तार बढ़ा सकता है, ज़रूरी इंफ़्रास्ट्रक्चर को मज़बूत कर सकता है, आर्थिक मौके बढ़ा सकता है और ऐसी साइंटिफ़िक समस्याएँ हल करने में मदद कर सकता है जिन्हें लोग कई पीढ़ियों से हल नहीं कर पाए हैं. लेकिन जो क्षमताएँ मॉडल्स को ज़्यादा उपयोगी बनाती हैं, उनके साथ रिस्क भी आते हैं. और ये क्षमताएँ सिर्फ़ कुछ फ़्रंटियर लैब्स तक सीमित नहीं रहेंगी. दुनिया भर में बनाए जा रहे मॉडल्स, जिनमें ओपन मॉडल्स भी शामिल हैं, धीरे-धीरे आज के सबसे एडवांस्ड मॉडल्स के करीब पहुँचेंगे और ज़्यादा लोगों को मिल पाएँगे.
Astra की क्षमताएँ, AI की मदद से रिसर्च की रफ़्तार बढ़ने के शुरुआती संकेत और याकुब का लेख, सभी एक ही बात दिखाते हैं: AI तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और उससे जुड़े नियमों को भी उसी रफ़्तार से आगे बढ़ना होगा.
ग्रेग ब्रॉकमैन ने इसे "डिफ़ेंडर्स विंडो" कहा है(एक नई विंडो में खुलेगा): एक सीमित समय, जब फ़्रंटियर AI की मदद से अहम सिस्टम्स की सुरक्षा मज़बूत की जा सकती है, इससे पहले कि हमला करने वाली ताकतवर क्षमताएँ बड़े पैमाने पर मिलने लगे. नियम बनाने वालों के सामने भी ऐसा ही मौका है: AI की क्षमताएँ उन्हें संभालने वाली संस्थाओं से बहुत आगे निकल जाएँ, उससे पहले लंबे समय तक काम करने वाले सुरक्षा उपाय बनाने का समय तेज़ी से कम हो रहा है.
जैसे-जैसे AI की क्षमताएँ बढ़ेंगी, उसे कितनी तेज़ी से आगे बढ़ाना है, यह इससे तय होना चाहिए कि वह कितना सुरक्षित है. सुरक्षा आगे बढ़ने के रास्ते की रुकावट नहीं है. यही आगे बढ़ने और ज़्यादा लोगों तक उसका फ़ायदा पहुँचाने में मदद करती है.
हमने मॉडल डेवलपमेंट के हर कदम पर निगरानी, अलाइनमेंट और सिक्योरिटी से जुड़े सुरक्षा उपाय मज़बूत किए हैं. इसमें फ़्रंटियर रिसर्च के काम को दूसरे सिस्टम्स से ज़्यादा अलग रखना, टूल्स के साथ होने वाली ट्रेनिंग और टेस्टिंग के दौरान मॉडल के व्यवहार पर ज़्यादा नज़र रखना और कोई दिक्कत होने पर आगे क्या करना है, इसके साफ़ नियम शामिल हैं. Astra के लिए हमने पूरे काम के दौरान होने वाली ऐक्टिविटी की निगरानी भी शुरू की है, जिसमें चेन-ऑफ-थॉट भी शामिल है. साथ ही, कंपनी के अंदर बड़े स्तर पर इस्तेमाल से पहले अलाइनमेंट की जाँच से पास होना ज़रूरी किया गया है.
इन सुरक्षा उपायों को AI की बढ़ती क्षमताओं से आगे रहना होगा. जब आगे बढ़ने से सुरक्षा का बहुत बड़ा रिस्क हो, तो हम ऐसे सिस्टम्स का डेवलपमेंट या इस्तेमाल धीमा या बंद कर देंगे जिन्हें हम ठीक से सुरक्षित नहीं रख सकते. हम पहले भी ऐसा कर चुके हैं और हमारे प्रिपेयर्डनेस फ़्रेमवर्क(एक नई विंडो में खुलेगा) में भी इसकी ज़रूरत बताई गई है.
पूरी तरह से रिकर्सिव सेल्फ़-इम्प्रूवमेंट—जिसमें AI सिस्टम अपने दम पर लगातार ज़्यादा सक्षम AI की नई जेनरेशन बनाते जाएँ—आज यह नहीं हो रहा है. हमें इस दिशा में तब तक आगे नहीं बढ़ना चाहिए, जब तक इसे सुरक्षित तरीके से करना मुमकिन न हो.
हालाँकि, अगली पीढ़ी के मॉडल्स को बनाने और अलाइन करने वाली रिसर्च के कुछ हिस्सों में AI पहले से ही काम की रफ़्तार बढ़ा रहा है. हमारी नई रिसर्च दिखाती है कि AI एजेंट्स कुछ ऐसे काम कर सकते हैं, जिन्हें करने में अनुभवी रिसर्चर्स को कई दिन लग सकते हैं. यह रिकर्सिव सेल्फ़-इम्प्रूवमेंट नहीं है, लेकिन इससे यह संकेत मिलता है कि AI किस दिशा में आगे बढ़ रहा है.
इस बढ़ती रफ़्तार का इस्तेमाल सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए भी किया जा सकता है और किया जाना चाहिए. हमारा लक्ष्य ऐसे ऑटोमेटेड AI रिसर्चर्स बनाना है, जो इंसानों की निगरानी में सुरक्षित तरीके से काम करें और डीप लर्निंग व अलाइनमेंट को आगे बढ़ाएँ—AI की हर नई पीढ़ी का इस्तेमाल अगली पीढ़ी को सिर्फ़ ज़्यादा सक्षम बनाने के बजाय ज़्यादा सुरक्षित, बेहतर अलाइन और आसानी से कंट्रोल करने लायक बनाने में होना चाहिए.
सरकारों को इस प्रोग्रेस को मापने के लिए एक जैसे तरीके बनाने चाहिए, इंसानों का असरदार कंट्रोल बनाए रखना चाहिए और यह तय करने के लिए सुरक्षा के साझा स्तर बनाने चाहिए कि डेवलपमेंट कब और कैसे धीमा या बंद किया जाए. अगर AI की क्षमताओं की बढ़ोतरी धीमी किए बिना सुरक्षा के ज़रूरी स्तर हासिल नहीं किए जा सकते, तो सुरक्षा को पहले रखना चाहिए. टेक्नोलॉजी जितनी ताकतवर होगी, उसके सुरक्षा उपाय भी उतने ही मज़बूत होने चाहिए.
AI की मदद से AI डेवलपमेंट की बढ़ती रफ़्तार को देखते हुए सिर्फ़ अपनी इच्छा से किए गए वादे काफ़ी नहीं हैं. संयुक्त राज्य अमेरिका को देश भर में लागू होने वाले ऐसे ज़रूरी नियम चाहिए, जो AI की क्षमताओं पर आधारित हों और टेक्नोलॉजी के साथ बदल सकें.
हमारा फ़्रंटियर AI के डेमोक्रेटिक गवर्नेंस का ब्लूप्रिंट एक मज़बूत फ़ेडरल फ़्रेमवर्क का रास्ता बताता है. इसमें एक जैसी टेस्टिंग, बाहरी जाँच, बेहतर साइबरसिक्योरिटी सुरक्षा, AI से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग के साफ़ नियम, देश में बेहतर तैयारी और AI के रिकर्सिव सेल्फ़-इम्प्रूवमेंट की दिशा में प्रोग्रेस मापने के साझा तरीके शामिल हैं.
कांग्रेस में फ़्रंटियर सेफ़्टी से जुड़े कई अहम प्रस्ताव अब आगे बढ़ रहे हैं. हम इस काम में मदद करते रहेंगे और ऐसे कानून के समर्थन की उम्मीद रखते हैं, जो सुरक्षा को साफ़ तौर पर बेहतर बनाएँ. जब असर इतना बड़ा हो सकता है, तो हर चीज़ को परफ़ेक्ट बनाने के चक्कर में अच्छे कदमों को नहीं रोकना चाहिए. कांग्रेस को अपना सेशन खत्म होने से पहले कदम उठाना चाहिए.
देश भर का फ़्रेमवर्क मज़बूत होना चाहिए, लेकिन उसका दायरा सोच-समझकर तय किया जाना चाहिए. फ़्रंटियर सेफ़्टी के नियम सिर्फ़ उन कुछ बड़ी और अच्छे रिसोर्स वाली लैब्स पर लागू होने चाहिए, जो सबसे सक्षम सिस्टम बना रही हैं—ये स्टार्टअप्स, छोटे डेवलपर्स या फ़्रंटियर से काफ़ी दूर काम कर रहे रिसर्चर्स पर लागू नहीं होने चाहिए. ज़िम्मेदारियाँ AI की क्षमताओं और उससे जुड़े रिस्क के हिसाब से होनी चाहिए.
फ़्रंटियर सेफ़्टी के नियमों को किसी दूसरे नाम से ओपन-वेट्स के नियम नहीं बन जाना चाहिए. ओपन मॉडल्स भी सॉल्युशन का हिस्सा हो सकते हैं, खासकर साइबरसिक्योरिटी में और वहाँ, जहाँ देश का कंट्रोल, सुरक्षा या डेटा को देश के अंदर रखने की ज़रूरत की वजह से लोकल डिप्लॉयमेंट बेहतर हो. ज़्यादातर ओपन मॉडल्स फ़्रंटियर पर मुकाबला नहीं करते. उनका मुकाबला लागत, कंट्रोल और लेटेंसी जैसे मामलों में होता है. जैसा कि हमने 'ओपन वेट्स एंड अमेरिकन AI लीडरशिप'(एक नई विंडो में खुलेगा) लेटर पर साइन करते समय कहा था, अमेरिका को ओपन और क्लोज़्ड दोनों तरह के मॉडल्स की ज़रूरत है. फ़ेडरल फ़्रेमवर्क को फ़्रंटियर AI की क्षमताओं और रिस्क से निपटना चाहिए, लेकिन इससे मुकाबला कम नहीं होना चाहिए, मौजूदा बड़ी कंपनियों को बेवजह फ़ायदा नहीं मिलना चाहिए और इनोवेशन को देश से बाहर नहीं जाना चाहिए.
एक मज़बूत पब्लिक फ़्रेमवर्क का मकसद ताकत को कुछ ही हाथों में सीमित करने के बजाय उसे कम करना होना चाहिए. आज फ़्रंटियर लैब्स फ़्रंटियर AI के रिस्क संभालने के लिए बड़े पैमाने पर अपने नियम खुद तय करती हैं. जनता के प्रति जवाबदेह नियम, बाहरी जाँच और साफ़ जानकारी देने की व्यवस्था इस बिखरे हुए निजी सिस्टम की जगह ले सकती है.
अमेरिका की लीडरशिप के लिए यह ज़रूरी है. अमेरिका सिर्फ़ AI की क्षमताओं के दम पर इस दौर में आगे नहीं रह सकता. टेक्नोलॉजी में आगे होना तब बहुत मायने नहीं रखेगा, अगर लोगों, संस्थाओं और सरकारों को उस पर इतना भरोसा न हो कि वे उसे अपनाएँ. मज़बूत सुरक्षा उपाय इनोवेशन के खिलाफ़ समझौता नहीं हैं. ये AI को बड़े पैमाने पर अपनाने और अमेरिका की लंबे समय तक लीडरशिप बनाए रखने के लिए ज़रूरी सिस्टम का हिस्सा हैं.
हमें AI के लिए नेशनल स्टैंडर्ड्स की बहुत ज़रूरत है और फ़्रंटियर पर काम करने वाला कोई भी व्यक्ति समझ सकता है कि इस पर तेज़ी से काम करना कितना ज़रूरी है. जब तक कांग्रेस कोई कदम नहीं उठाती, राज्यों को इस खाली जगह को भरने और स्टैंडर्ड्स को बेहतर करने के लिए आगे बढ़ते रहना चाहिए.
OpenAI ने कैलिफ़ोर्निया के SB 53, न्यूयॉर्क के RAISE कानून, इलिनॉय के SB 315 और मैसाचुसेट्स में बन रहे फ़्रंटियर सेफ़्टी कानून में इंडिपेंडेंट ऑडिट्स का समर्थन किया है. हम चाहते हैं कि राज्य इन कॉमन सेफ़गार्ड्स पर एक जैसा रुख अपनाएँ. ऐसा करने पर वे एक डी फ़ैक्टो नेशनल बेसलाइन बना सकते हैं, जिसे कांग्रेस आगे चलकर कानून का रूप दे सकती है. इस अप्रोच को हम रिवर्स फ़ेडरलिज़्म कहते हैं. लेकिन हार्मोनाइज़ेशन का मतलब यह नहीं है कि ज़रूरी नियमों को वहीं रोक दिया जाए.
आज हम कैलिफ़ोर्निया के चार और विधेयकों का समर्थन कर रहे हैं. ये विधेयक सदन से पास हो चुके हैं और अब गवर्नर न्यूज़म के पास जाएँगे. ये सब मिलकर AI सेफ़्टी इकोसिस्टम के अलग-अलग हिस्सों को पूरा करते हैं.
SB 813(एक नई विंडो में खुलेगा) के तहत भरोसेमंद बाहरी ऑर्गेनाइज़ेशन्स को चुनने के लिए एक प्रोसेस बनाया जाएगा, जो AI से जुड़े रिस्क की जाँच कर सके. जैसा कि हमने अपने (एक नई विंडो में खुलेगा)फ़्रंटियर सेफ़्टी ब्लूप्रिंट(एक नई विंडो में खुलेगा) में कहा है, हम चाहते हैं कि AI की फ़ेडरल स्तर पर इंडिपेंडेंट टेक्निकल जाँच ज़रूरी हो. वहाँ नियम बनाने वाले लोग जाँच करने वालों की योग्यता, सिक्योरिटी और बेहद सेंसिटिव जानकारी के एक्सेस के लिए एक जैसे स्टैंडर्ड्स तय कर सकते हैं. हालाँकि, फ़ेडरल स्तर पर कोई कदम न उठाए जाने पर कैलिफ़ोर्निया देश भर के लिए एक सुरक्षित, सक्षम, और इंडिपेंडेंट असेसमेंट सिस्टम के लिए ज़रूरी नियम तय करने में मदद कर सकता है, जिससे सेफ़्टी के बेहतर नतीजे मिलें.
AB 1405(एक नई विंडो में खुलेगा) AI ऑडिटर्स के लिए रजिस्ट्रेशन, इंडिपेंडेंस, ट्रांसपेरेंसी और जवाबदेही से जुड़े नियम तय करेगा.
SB 1119(एक नई विंडो में खुलेगा) के तहत कंपैनियन चैटबॉट्स इस्तेमाल करने वाले बच्चों और टीन्स के लिए उम्र की जाँच, रिस्क की समीक्षा, बाहरी ऑडिट, पेरेंटल कंट्रोल और नुकसान पहुँचाने वाले कंटेंट से बचाने के उपाय ज़रूरी होंगे. हमने हाल ही में इस विधेयक का समर्थन किया था. यह युवाओं की सुरक्षा के लिए OpenAI के पहले से किए जा रहे काम को आगे बढ़ाता है. इसमें हमारे प्रोडक्ट्स, दुनिया भर के नीति सिद्धांतों और (एक नई विंडो में खुलेगा)पेरेंट्स और बच्चों के लिए सुरक्षित AI कानून(एक नई विंडो में खुलेगा) के समर्थन के साथ-साथ टीन्स के लिए ChatGPT में दिए गए सुरक्षा उपाय भी शामिल हैं. इनमें सेंसिटिव मामलों के लिए पहले से ज़्यादा सुरक्षित सेटिंग्स, शांत समय, पढ़ाई का समय और ब्रेक लेने की याद दिलाने वाले रिमाइंडर्स शामिल हैं.
AB 1864(एक नई विंडो में खुलेगा) के तहत जीन सिंथेसिस सेवाएँ देने वाली कंपनियों और बेंचटॉप सिंथेसिस इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनियों को फ़ेडरल जाँच स्टैंडर्ड्स के मुताबिक काम करना होगा. इससे AI की मदद से पैदा हो सकने वाले बायोलॉजिकल खतरों से बचाव का एक अहम सुरक्षा उपाय और मज़बूत होगा.
इनमें से कुछ विधेयकों का हमने पहले समर्थन नहीं किया था, लेकिन हाल ही में हमने क्षमताओं में जो बढ़ोतरी देखी है, उसके मद्देनज़र फिर से विचार करने के बाद अब हम उनका समर्थन कर रहे हैं.
ये विधेयक फ़ेडरल नियमों की जगह नहीं ले सकते. ये अहम कदम हैं, जो अभी लोगों की सुरक्षा में मदद कर सकते हैं, यह दिखा सकते हैं कि असरदार सुरक्षा उपाय कैसे काम करते हैं और फ़ेडरल स्तर पर आगे के ऐक्शंस को रफ़्तार दे सकते हैं.
सिर्फ़ कानून एडवांस्ड AI को सुरक्षित नहीं बना सकते. हमें उन लैब्स के अंदर भी साफ़ और ठोस तरीके अपनाने होंगे, जहाँ सबसे काबिल AI सिस्टम बनाए जा रहे हैं. सबसे पहले निगरानी पर काम करना ज़रूरी है.
यह मिसअलाइनमेंट के मामले में खास तौर पर अहम है—मिसअलाइनमेंट तब होता है, जब कोई मॉडल किसी लक्ष्य को ऐसे तरीकों से पूरा करने की कोशिश करता है जो इंसानों की मंशा या तय सीमाओं के खिलाफ़ हों. इसके लिए मॉडल का समझना या जानबूझकर नुकसान पहुँचाने की मंशा होना ज़रूरी नहीं है. जैसे-जैसे मॉडल ज़्यादातर काम अपने आप करने लगते हैं, ज़्यादा ताकतवर टूल्स इस्तेमाल करते हैं और लंबे समय तक काम करते हैं, डेवलपर्स के लिए ऐसे मिसअलाइनमेंट पर नज़र रखना और यह दिखाना ज़रूरी होना चाहिए कि असरदार सुरक्षा उपाय मौजूद हैं.
निगरानी के साथ जानकारी देने के साफ़ नियम भी होने चाहिए. जैसा कि हमने कैलिफ़ोर्निया में कहा था, अगर डेवलपमेंट या जाँच के दौरान कोई मॉडल बिना इजाज़त किसी दूसरी ऑर्गेनाइज़ेशन की सुरक्षा को बायपास करके उसके सुरक्षित सिस्टम या गोपनीय जानकारी तक पहुँचता है, उसमें बड़े बदलाव करता है या उसे नष्ट करता है, तो कंपनी को प्रभावित लोगों या ऑर्गेनाइज़ेशन्स को तुरंत लिखित जानकारी देनी चाहिए. हम दूसरे गंभीर AI मामलों के लिए फ़ेडरल रिपोर्टिंग नियमों का भी समर्थन करते हैं. साथ ही, हम यह तय करने पर काम कर रहे हैं कि किन मामलों को इसमें शामिल किया जाए और कंपनियों को क्या जानकारी देनी चाहिए.
जैसा कि हमने पिछले हफ़्ते बताया था, OpenAI गंभीर असर वाले मिसअलाइनमेंट मामलों की रिपोर्टिंग और फ़्रंटियर मॉडल्स की ऐक्टिविटी पर हमेशा नज़र रखने के लिए एक फ़्रेमवर्क बना रहा है. इसमें कंपनी के अंदर होने वाला इस्तेमाल भी शामिल है. इसकी शुरुआत कंपनी की अपनी कोशिशों के तौर पर हो रही है. हमें उम्मीद है कि इससे आगे फ़ेडरल पॉलिसी और रिपोर्टिंग के नियम तय करने में भी मदद मिलेगी.
हम इंडस्ट्री के स्टैंडर्ड्स बनाने के लिए दूसरी लैब्स के साथ काम करना चाहते हैं. इंडस्ट्री के बनाए मानक ज़रूरी फ़ेडरल सुरक्षा उपायों और सरकार की जवाबदेही वाली निगरानी के साथ मिलकर काम करेंगे—उनकी जगह नहीं लेंगे. लेकिन AI की क्षमताएँ अब एक नए दौर में पहुँच गई हैं, इसलिए हर ऑप्शन पर ध्यान देना ज़रूरी है—इसमें यह देखना भी शामिल है कि बिनी किसी सरकारी मदद के इंडस्ट्री अपनी तरफ़ से तुरंत क्या कदम उठा सकती है.
आगे चलकर ऐसे स्टैंडर्ड्स सिर्फ़ एक देश तक सीमित नहीं रहने चाहिए. मॉडल्स, रिसर्च और टेक्निकल जानकारी दुनिया भर में पहुँचती और इस्तेमाल होती है. इसलिए सबसे काबिल सिस्टम्स में कोई बड़ी समस्या होने पर उसका असर उस देश से बहुत आगे तक जा सकता है, जहाँ उन्हें बनाया गया है. अगर अमेरिका को दुनिया भर में नेतृत्व करना है, तो उसे पहले अपने यहाँ भरोसेमंद स्टैंडर्ड्स बनाने होंगे—हमें अब पहले से ज़्यादा लगता है कि अलग-अलग देशों में साथ काम कर सकने वाले अंतरराष्ट्रीय स्टैंडर्ड्स भी ज़रूरी होंगे.
AI पॉलिसी पर काम करने का मौका अभी हमारे पास है. हम इस मौके का इस्तेमाल करना चाहते हैं.
इसका मतलब है तेज़ी से कदम उठाना, सीखते रहना और ज़रूरत के हिसाब से बदलाव के लिए तैयार रहना. इसका मतलब है ऐसे ठोस प्रस्तावों का समर्थन करना, जो सुरक्षा को बेहतर बनाते हों, भले ही वे ठीक वैसे न हों जैसे हम खुद बनाते. और इसका मतलब है कि टेक्नोलॉजी के आगे बढ़ने के साथ फ़्रेमवर्क को भी मज़बूत किया जाए.
पहला कदम कभी परफ़ेक्ट नहीं होगा. लेकिन अब उससे बड़ा जोखिम है, कदम उठाने के लिए बहुत देर तक इंतज़ार करना.


