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OpenAI

21 सितंबर 2026

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मैथ्स और आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस पर एडवाइज़री ग्रुप

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28 अगस्त को हमने एक नए इंटरनल मॉडल की ट्रेनिंग शुरू की. नेवियर–स्टोक्स मिलेनियम प्राइज़ प्रॉब्लम हल करने के साथ, यह मॉडल अब मैथ्स के ज़्यादातर हिस्सों में 100 से ज़्यादा ऐसी पुरानी समस्याएँ हल कर चुका है, जो लंबे समय से अनसुलझी थीं. मैथ्स में इसकी तेज़ प्रोग्रेस ने OpenAI के मैथमैटिशियन्स को भी हैरान किया है. इसके बाद हमने इस बात पर चर्चा शुरू की कि मैथ्स से जुड़े लोगों को इस तेज़ प्रोग्रेस के बारे में बेहतर तरीके से कैसे बताया जाए, ताकि वे आने वाले बदलावों के लिए तैयार हो सकें.

मैथ्स एक फ़ंडामेंटल साइंस है और इसमें नई खोजों का इस्तेमाल कई क्षेत्रों में हो सकता है. इसलिए इन AI क्षमताओं में बड़ी संभावनाएँ हैं और इन्हें ज़िम्मेदारी से बनाना और इस्तेमाल करना सिर्फ़ मैथ्स के लिए ही नहीं, बल्कि दूसरे क्षेत्रों के लिए भी अहम है. हम इस बात को समझते हैं और इस पर काम कर रहे हैं कि मैथ्स से जुड़ी AI क्षमताओं को बड़े स्तर पर ज़िम्मेदारी से कैसे उपलब्ध कराया जाए.

हाल के खुले पत्र "मैथ्स में AI का गंभीर मिसअलाइनमेंट(एक नई विंडो में खुलेगा)" में मैथमैटिशियन्स ने नए AI सिस्टम्स को परखने के लिए अनसुलझी समस्याओं को हल कराने के तरीके से होने वाले नुकसान को लेकर चिंता जताई है.

उनकी चिंताएँ दिखाती हैं कि AI कंपनियों को मैथ्स से जुड़े लोगों के साथ सोच-समझकर काम करने की ज़रूरत है. इसी दिशा में हम उन मैथमैटिशियन्स के साथ काम कर रहे हैं, जिन्होंने एक इंडिपेंडेंट मैथमैटिशियन्स एडवाइज़री ग्रुप बनाया है. यह ग्रुप मैथ्स से जुड़े लोगों और आम लोगों के बीच एक कड़ी का काम करेगा और आगे के फ़ैसलों में मैथमैटिशियन्स की राय शामिल करने में मदद करेगा.

यह ग्रुप नए नतीजों के रिव्यू और उन्हें शेयर करने के तरीके पर सलाह देगा. यह OpenAI को यह समझने में मदद करेगा कि कोई नतीजा कितना अहम है, उसे कब और कैसे शेयर किया जाए और मैथ्स रिसर्च में अकैडमिक और प्रोफ़ेशनल स्टैंडर्ड्स का ध्यान कैसे रखा जाए. यह ग्रुप इस पर भी सलाह देगा कि हमारे टूल्स मैथ्स की रिसर्च और उसे सीखने में कैसे मदद कर सकते हैं. हम मैथमैटिशियन्स को ऐसे बेहतर टूल्स देना चाहते हैं, जिनसे वे अपनी एक्सपर्टीज़ वाले सवालों पर काम कर सकें और नए आइडियाज़ को डेवलप कर सकें.

यह ग्रुप OpenAI से अलग होकर काम करेगा. यह बिना हमारे कहे भी सलाह दे सकेगा, मैथ्स पर OpenAI के असर पर अपनी राय दे सकेगा और अपनी सलाह पब्लिक कर सकेगा. इस ग्रुप की अहमियत इसी में है कि इसके मेंबर्स अपनी समझ से फ़ैसले ले सकें और ज़रूरत पड़ने पर हमारी राय को चुनौती दे सकें. इसके मेंबर्स को OpenAI से कोई पेमेंट नहीं मिलेगा और ग्रुप अपनी ज़रूरत के हिसाब से मेंबर्स में बदलाव कर सकेगा. अहम बात यह है कि OpenAI के अंदर मैथ्स पर काम की रफ़्तार कैसी होनी चाहिए, इस पर सलाह देना इस ग्रुप की ज़िम्मेदारी नहीं होगी.

इस ग्रुप के साथ काम करना पहला कदम है. आगे कई मुश्किल सवाल हैं, जैसे AI मैथ्स को बेहतर समझने में कैसे मदद कर सकता है और इन क्षमताओं का फ़ायदा ज़्यादा लोगों तक कैसे पहुँच सकता है. हम चाहते हैं कि इन सवालों के जवाब तय करने में मैथमैटिशियंस की अहम भूमिका हो.

  • फ़्रांस्वा शार्ल (ENS-PSL)

  • कैमिलो डे लेलिस (IAS, GSSI)

  • टिमोथी गॉवर्स (कॉलेज डी फ़्रांस, कैम्ब्रिज)

  • मार्टिन हायरर (EPFL, इंपीरियल कॉलेज लंदन)

  • निखिल श्रीवास्तव (बर्कले, साइमन्स इंस्टिट्यूट)

  • उलरिके टिलमन (ऑक्सफ़ोर्ड, INI)

  • रवि वकील (स्टैनफ़ोर्ड)

  • एडवर्ड विटन (IAS)

  • मेलानी मैटचेट वुड (हार्वर्ड)

लेखक

OpenAI