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OpenAI

ChatGPT से एंटीबायोटिक खोज में तेज़ी

डॉ. सेज़र दे ला फुएंते और उनकी टीम रोगाणुरोधी प्रतिरोध से लड़ने के लिए नए औज़ारों का उपयोग कर रहे हैं.

लैब में बैठे डॉ. सेज़र दे ला फुएंते.

“यह सोचना अद्भुत है कि हम कितना कम जानते हैं और अभी कितना कुछ खोजना बाकी है. मैं युवाओं को यह बात समझाने की कोशिश करता हूं कि भविष्य उनका है. हम दुनिया के बारे में अभी लगभग कुछ भी नहीं समझते. यह रोमांचक है, क्योंकि यहीं विज्ञान मदद कर सकता है.” —डॉ. सेज़र दे ला फुएंते

“ChatGPT जैसे औज़ार वैज्ञानिक खोज की रफ़्तार बढ़ाने में हमारी मदद कर रहे हैं. मेरे जैसे वैज्ञानिक के लिए यह सचमुच प्रयोग करने का खुला मैदान है.”
—डॉ. सेज़र दे ला फुएंते

एक बढ़ती समस्या

आधुनिक चिकित्सा प्रभावी एंटीबायोटिक दवाओं पर निर्भर है, जो सामान्य बीमारियों, सर्जरी और प्रसव आदि से उबरने में हमारी मदद करती हैं. लेकिन एक समस्या बढ़ रही है: एंटीबायोटिक जिन बैक्टीरिया से लड़ती हैं, वे बेहद जुझारू होते हैं. हम उनसे लड़ने के लिए एंटीबायोटिक का जितना अधिक उपयोग करते हैं, प्रतिरोधी प्रकारों को हावी होने के उतने ही अधिक अवसर मिलते हैं. इसे रोगाणुरोधी प्रतिरोध (एएमआर) कहा जाता है. हर साल लगभग 50 लाख मौतें बैक्टीरियल एएमआर से जुड़ी होती हैं और 2050 तक यह संख्या दोगुनी होने की आशंका है.

एएमआर से निपटने के लिए नई एंटीबायोटिक दवाएं आवश्यक हैं, लेकिन पारंपरिक तरीके में वैज्ञानिक सक्रिय अणु खोजने के लिए प्रकृति में जाकर मिट्टी, पौधों और अन्य जैविक पदार्थों की पड़ताल करते हैं. इस प्रक्रिया में बहुत समय लगता है और काफी प्रयास व त्रुटियां होती हैं. ChatGPT और Codex जैसे औज़ार डॉ. सेज़र दे ला फुएंते और उनकी टीम को एएमआर से लड़ने के लिए नए अणुओं की पहचान का एक अनूठा और तेज़ तरीका अपनाने में सक्षम बना रहे हैं. वे कहते हैं, “हम हर काम डिजिटल रफ़्तार से करते हैं.”

“अक्सर जब तक मैं एक कप कॉफ़ी पीता हूं, मेरी टीम ढेरों नए अणु खोज चुकी होती है, जिनमें से कोई अगली एंटीबायोटिक बन सकता है.”
—डॉ. सेज़र दे ला फुएंते

जीवविज्ञान को कोड मानना

दे ला फुएंते लैब की बड़ी सफलताओं में से एक इस समस्या को सूचना की समस्या मानना है: जीवन का आधार डीएनए केवल एक कोड है. ChatGPT जैसे औज़ार उन्हें ऐसे एल्गोरिदम बनाने में मदद करते हैं, जो हमारी दुनिया को परिभाषित करने वाली जटिल प्रणालियों को तेज़ी से छांटकर वर्षों के बजाय कुछ घंटों में नई संभावित एंटीबायोटिक दवाओं की पहचान कर सकते हैं.

“अब हम नई एंटीबायोटिक दवाओं के अणु पांच या छह वर्षों के बजाय कुछ घंटों में खोज सकते हैं.”
—डॉ. सेज़र दे ला फुएंते
लैपटॉप पर टाइप करता एक शोधकर्ता, जिसकी स्क्रीन पर वैज्ञानिक पाठ और कोड दिखाई दे रहे हैं.

“Codex की मदद से अब ऐसा व्यक्ति भी प्रोग्रामिंग कर सकता है जिसने पहले कभी प्रोग्राम न लिखा हो और जिसे कंप्यूटर विज्ञान की भाषा समझ न आती हो.”

—डॉ. सेज़र दे ला फुएंते

लैब में मल्टीचैनल पिपेट से माइक्रोप्लेट भरता एक शोधकर्ता.

एंजेला परीक्षण के लिए अणु बनाने हेतु प्रयोगशाला में काम करती हैं.

ChatGPT दे ला फुएंते लैब की कार्यप्रणाली का अनिवार्य हिस्सा बन गया है. “यह लैब का साझा मस्तिष्क बन गया है. इसे पता है कि टीम के अलग-अलग सदस्य विज्ञान के बारे में कैसे सोचते हैं, क्योंकि हम इसमें अपने बहुत से विचार डालते हैं,” डॉ. दे ला फुएंते कहते हैं. “यह वास्तव में हमारी सोच को समेटता है: हमारे नए विचारों, हमारी सूझ-बूझ और उन खूबियों को, जो हम मनुष्य के रूप में साथ लाते हैं.”

Codex ने टीम के सदस्यों के बीच की बाधाएं दूर की हैं. इस टीम में पारंपरिक वैज्ञानिकों से लेकर संगणकीय जीवविज्ञानी और मशीन लर्निंग इंजीनियर तक शामिल हैं. “जो लोग पांच साल पहले डेटा का विश्लेषण करने के अलावा कंप्यूटर को कभी हाथ नहीं लगाते, वे अब संगणकीय जीवविज्ञान का काम कर सकते हैं. वे अपने डेटा में पैटर्न पहचानने के लिए एल्गोरिदम लिख सकते हैं या अपने नतीजों को ऐसे तरीकों से देख सकते हैं जो पहले असंभव थे.”

रंगीन लैब डिस्प्ले के सामने पार्श्व मुद्रा में डॉ. सेज़र दे ला फुएंते.
“अगर हम बड़ी समस्याओं को हल करने की कोशिश नहीं करते, तो मैं अपना काम ठीक से नहीं कर रहा होता.”
—डॉ. सेज़र दे ला फुएंते

एंटीबायोटिक का भविष्य

मानवीय सूझ-बूझ और मशीनी बुद्धिमत्ता का मेल चिकित्सा के लिए एक रोमांचक भावी राह तैयार करने में मदद कर रहा है. वे कहते हैं, “कुछ साल पहले तक मैं इसे लेकर निराश था कि हम एएमआर और नए अणु विकसित करने की मानवता की क्षमता के बीच चल रही होड़ में टिक पाएंगे या नहीं.” “लेकिन ChatGPT जैसे औज़ारों से हाल में विकसित की गई कुछ प्रणालियों ने मुझे मेरी उम्मीद से कहीं ज़्यादा आशावान बनाया है.” डॉ. दे ला फुएंते का हर काम एक ही लक्ष्य को समर्पित है: पीड़ा कम करना और जीवन बचाना. “मैं जीवन भर ऐसे औज़ारों की प्रतीक्षा करता रहा, जो हमें वह करने में सक्षम बनाएं जो हम आज कर रहे हैं.”

गहरे रंग की पृष्ठभूमि पर न्यूक्लियोटाइड पाठ के साथ डीएनए कुंडली का दृश्यांकन.

“हमने देखा है कि हमारे खोजे गए कई अणु वास्तव में आज के रोगजनकों को नष्ट करने में सक्षम हैं.”

—डॉ. सेज़र दे ला फुएंते

“कल्पना कीजिए कि आपने कंप्यूटर पर एक ऐसा अणु बनाया है जो लोगों की जान बचा सकता है. मुझे लगता है कि वैज्ञानिक उन पलों के लिए जीते हैं, जब वे कुछ ऐसा खोजते हैं जिसे दुनिया के इतिहास में पहले किसी ने नहीं खोजा.”
—डॉ. सेज़र दे ला फुएंते

हम औज़ार बनाते हैं, और लोग उनसे भविष्य बनाते हैं.

तकनीक के हर बड़े बदलाव को वे लोग आकार देते हैं जो उसका उपयोग करके कुछ बनाते हैं.