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OpenAI

इंटेलिजेंस युग में साइबरसिक्योरिटी

AI-संचालित साइबर रक्षा को लोकतांत्रिक बनाने के लिए एक कार्ययोजना.

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कृत्रिम बुद्धिमत्ता साइबरसिक्योरिटी को नया रूप दे रही है. वही क्षमताएं जो रक्षकों को वल्नरेबिलिटी पहचानने, रिमेडिएशन को स्वचालित करने और तेज़ प्रतिक्रिया देने में मदद करती हैं, दुर्भावनापूर्ण तत्वों द्वारा हमलों को बड़े पैमाने पर चलाने, प्रवेश बाधाएं घटाने और परिष्कार बढ़ाने के लिए भी इस्तेमाल की जा रही हैं.

संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके सहयोगी तेजी से बदलते साइबर खतरे के माहौल का सामना कर रहे हैं, और निजी क्षेत्र के नवप्रवर्तकों की इस चुनौती से निपटने में मदद करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है. OpenAI इस जिम्मेदारी को गंभीरता से लेता है, और आज हम एक एक्शन प्लान प्रकाशित कर रहे हैं जो संघीय और राज्य सरकारों तथा प्रमुख वाणिज्यिक संस्थाओं के साइबरसिक्योरिटी और राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों के साथ हुई बातचीत से प्रेरित है. इसमें पांच स्तंभ हैं:

  1. साइबर रक्षा का लोकतंत्रीकरण
  2. सरकार और उद्योग के बीच समन्वय
  3. अत्याधुनिक साइबर क्षमताओं के सुरक्षा को मजबूत करना
  4. परिनियोजन में दृश्यता और नियंत्रण बनाए रखना
  5. उपयोगकर्ताओं को अपनी सुरक्षा करने में सक्षम बनाना

हमारी योजना बताती है कि हम साइबरसिक्योरिटी रक्षकों का समर्थन करने के लिए आवश्यक अवसंरचना बनाकर अपनी मौजूदा प्रतिबद्धता को कैसे गहरा करेंगे, जिसका संगठन इस विचार के इर्द-गिर्द है कि समाज भर के विश्वसनीय पक्षों को उपलब्ध रक्षात्मक उपकरणों तक पहुंच का लोकतंत्रीकरण किया जाए. इंटेलिजेंस युग में लचीलापन बनाने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं के माध्यम से काम करना भी आवश्यक होगा, और उन तकनीकों तक पहुंच का विस्तार करना भी जो समुदायों, महत्वपूर्ण प्रणालियों और हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा में मदद कर सकती हैं.

लेखक

OpenAI