Codex के साथ ब्लैक होल के नए सिमुलेशन बनाना
ब्लैक होल का पहला वीडियो तैयार करने में जुटे एक कम्प्यूटेशनल एस्ट्रोफिज़िसिस्ट, ज्ञात ब्रह्मांड के अंतिम छोरों को खंगाल रहे हैं।

"ये टूल विज्ञान के क्षेत्र में काम करने के हमारे तरीके को बहुत बुनियादी रूप से बदल रहे हैं।"
ब्रह्मांड की सीमा का अध्ययन
ब्लैक होल हमारे ब्रह्मांड के किनारों पर मौजूद हैं और खगोलविदों के लिए अध्ययन के लिहाज़ से बेहद जटिल खगोलीय पिंड हैं। इनसे कोई रोशनी नहीं निकलती, इतनी दूर होने के कारण इनकी सीधी तस्वीर नहीं ली जा सकती—किसी एक को देखने के लिए आपको पृथ्वी के आकार का टेलीस्कोप चाहिए होगा—और इनके अंदर काम करने वाली फिज़िक्स हमारे आज के सिद्धांतों और समझ से हमेशा मेल भी नहीं खाती।
कम्प्यूटेशनल एस्ट्रोफिज़िसिस्ट ची-क्वान “सीके” चान के लिए इनमें से कुछ भी नया नहीं है। सीके, यूनिवर्सिटी ऑफ़ एरिज़ोना में प्रोफ़ेसर हैं और 20 वर्षों से अधिक समय से ब्लैक होल का अध्ययन कर रहे हैं। 2019 में, वह उस 'इवेंट होराइज़न टेलीस्कोप' टीम का हिस्सा थे जिसने दुनिया को ब्लैक होल की पहली तस्वीर दिखाई थी। इस साल, नेशनल साइंस फ़ाउंडेशन(एक नई विंडो में खुलेगा) के सहयोग से, वे और भी महत्वाकांक्षी लक्ष्य पर काम कर रहे हैं: ब्लैक होल का पहला वीडियो बनाना।

किट पीक नेशनल ऑब्ज़र्वेटरी में एरिज़ोना रेडियो ऑब्ज़र्वेटरी के 12 मीटर लंबे रेडियो टेलीस्कोप से सीके डेटा जुटाते हैं।

"ब्लैक होल मूल रूप से सिद्धांत पर आधारित थे। इसलिए यह बेहद रोमांचक है कि हम उन्हें देख पा रहे हैं।" —ची-क्वान "सीके" चान
क्या कमी है, इसे समझने के लिए बेहतर मॉडल बनाने की ज़रूरत होती है: ऐसे मैथमैटिकल एप्रोक्सिमेशन जो बताते हैं कि असाधारण स्थितियों में पदार्थ कैसे व्यवहार करता है। लेकिन ये समीकरण बेहद जटिल हैं। सबसे बड़े सुपरकंप्यूटर भी इन्हें हल करने में संघर्ष करते हैं और नए दृष्टिकोण विकसित करने में वर्षों काम करना पड़ सकता है। इसलिए सीके ने इस प्रक्रिया को तेज़ करने के लिए Codex की मदद ली।
"दस नए एप्रोक्सिमेशन तैयार करने में मुझे दस दिन लगते। Codex के साथ, यह मिनटों में हो सकता है।"

सीके अपने छात्रों के लिए एक एप्रोक्सिमेशन लिखते हुए।

सीके यूनिवर्सिटी ऑफ़ एरिज़ोना में अपने छात्रों के लिए सामूहिक चर्चा का नेतृत्व करते हैं।

सीके का हाथ से लिखा हुआ मैथमैटिकल एप्रोक्सिमेशन।
नई तकनीक, नए तरीके
क्योंकि ब्लैक होल पृथ्वी से बहुत दूर मौजूद हैं, इस लिए उनका अध्ययन करने का एकमात्र तरीका उनमें गिरने वाले प्लाज़्मा को मापना है। सीके इस प्लाज़्मा के सिमुलेशन तैयार करते हैं और फिर टेलीस्कोप से मिले ऑब्ज़र्वेशन के डेटा से उनकी तुलना करते हैं। सीके कहते हैं, "हालाँकि, सिमुलेशन कम पड़ जाते हैं। जब हम सिमुलेशन की तुलना ऑब्ज़र्वेशन से करते हैं, तो हमें पता चलता है कि ब्लैक होल के आसपास का प्लाज़्मा बहुत कम घनत्व का होता है, इसलिए हम वास्तव में प्लाज़्मा को द्रव्य के रूप में अनुमानित नहीं कर सकते।" सीके उन्हें सही ढंग से केवल अलग-अलग इलेक्ट्रॉनों और आयनों को ट्रैक करके ही सिमुलेट कर सकते हैं। वे कहते हैं, "और यह बस कंप्यूटेशन के लिहाज़ से असाध्य समस्या है।"
सीके Codex का इस्तेमाल नए संख्यात्मक एल्गोरिदम को खोजने के लिए करते हैं, जो उनके लिखे 'एजेंट स्किल' को लागू करके तेज़ और ज़्यादा स्थिर सिमुलेशन बनाने में मदद कर सकते हैं। सीके कहते हैं, "Codex के जरिए अब हम नए कोऑर्डिनेट ट्रांसफ़ॉर्मेशन और एल्गोरिदम को अपने-आप डिस्कवर कर पा रहे हैं, जो इन गणनाओं को 1000 गुना तेज़ कर सकते हैं। इसकी मदद से हम वो सिमुलेशंस भी कर पा रहे हैं जो पहले मुमकिन ही नहीं थे।"
सीके को अभी भी Codex द्वारा बनाए गए हर एप्रोक्सिमेशन को लागू करना और उसकी सटीकता की जाँच करनी होती है, लेकिन इस तरीके ने उनके काम की रफ़्तार को बहुत बढ़ा दिया है। इससे वे अपने रिसर्च पर ज़्यादा समय लगा पाते हैं। (ब्लैक होल और सीके के काम के पीछे के विज्ञान पर और गहराई से जानें।)
"बहुत लंबे समय तक, हमारी समस्याओं को हल करने के लिए खगोलविदों और वैज्ञानिकों को बेहतरीन डेवलपर होना पड़ता था। AI हमें कोडिंग वाले हिस्से के बजाय फिर से विज्ञान के प्रश्नों पर ध्यान केंद्रित करने देती है।"

किट पीक एरिज़ोना रेडियो ऑब्ज़र्वेटरी का 12 मीटर लंबा रेडियो टेलीस्कोप, इवेंट होराइज़न टेलीस्कोप नेटवर्क की ग्यारह ऑब्ज़र्वेटरी में से एक है।

Codex वैज्ञानिक कोड की समीक्षा करने तथा स्टैटिस्टिक्स और संख्यात्मक विधियों की गलतियों को पकड़ने में सीके की मदद करता है, जिससे वे ज़्यादा सटीक और भरोसेमंद नतीजे तैयार कर पाते हैं।

सीके एरिज़ोना रेडियो ऑब्ज़र्वेटरी के 12 मीटर लंबे रेडियो टेलीस्कोप के कंट्रोल रूम के अंदर।
खोज का भविष्य
सीके और 'इवेंट होराइज़न टेलीस्कोप' टीम फिलहाल ब्लैक होल पर डेटा जुटा रही है; उन्हें उम्मीद है कि पहला वीडियो 2027 में जारी होगा। सीके इस बात को लेकर बेहद उत्साहित हैं कि इससे उन्हें क्या सीखने को मिल सकता है। वे कहते हैं, "अगर हम ब्लैक होल का यह पहला वीडियो सफलतापूर्वक कैप्चर कर लेते हैं, तो यह होराइज़न-स्केल, टाइम-डोमेन, ब्लैक होल एस्ट्रोफिज़िक्स के एक नए युग की शुरुआत करेगा। इससे हमें यह अध्ययन करने में मदद मिलेगी कि ब्रह्मांड के सबसे चरम वातावरण में प्लाज़्मा कैसा व्यवहार करता है।"

"अगर आप अपने आसपास की दुनिया को लेकर जिज्ञासु हैं, तो आप नए जवाबों की तलाश करते रहेंगे। और इसी तरह हम सीखते हैं। इसी तरह हम अपनी तकनीक को आगे बढ़ाते हैं, अपनी सभ्यता को आगे ले जाते हैं।" —ची-क्वान "सीके" चान

सीके अपने तीन छात्रों, राम, नायरा और हेडेन के साथ हैं, वे एरिज़ोना विश्वविद्यालय से हैं और ब्लैक होल डेटा के विश्लेषण और नए सिमुलेशन बनाने पर भी काम करते हैं।

"मैं हांगकांग के एक साधारण परिवार से हूँ। इसलिए मैं खुद को बेहद भाग्यशाली मानता हूँ कि ब्लैक होल पर रिसर्च के सबसे एडवांस स्तर पर काम कर पा रहा हूँ।" —ची-क्वान "सीके" चान
"इंसान हमेशा से खोज करने वाले रहे हैं। और हमारे लिए एस्ट्रोनॉमी खोज का सबसे अत्याधुनिक रास्ता है। इसलिए यह इंसानी ज्ञान को इस यूनिवर्स की सीमाओं तक ले जाने का एक रास्ता है।"