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OpenAI

21 जुलाई 2025

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AI एक ऐसा ज़रिया जिससे सभी की हर तरह से मदद की जा सके

Fidji Simo

लोड किया जा रहा है...

कुछ ही हफ़्तों में, मैं OpenAI में ऐप्लिकेशन्स की CEO के तौर पर जॉइन करूंगी, जिससे पूरी दुनिया में ज़्यादा-से-ज़्यादा लोगों तक OpenAI की टेक्नोलॉजी को पहुंचाने में मदद मिलेगी.

मैं अपने आपको एक प्रैग्मैटिक टेक्नोलॉजिस्ट़ मानती हूं – जिसे टेक्नोलॉजी से प्यार है, और वो भी सिर्फ़ उसके ख़ुद के फ़ायदे के लिए नहीं, बल्कि लोगों के जीवन पर पड़ने वाले उसके सीधे असर के लिए पसंद करती है. यही चीज़ इस काम को इतना रोमांच भरा बना देती है, चूंकि मेरा मानना है कि इतिहास में किसी भी अन्य टेक्नोलॉजी के मुक़ाबले AI बहुत ज़्यादा लोगों के लिए बहुत ज़्यादा मौक़े लेकर आएगा. अगर हम इसे सही से लें, तो AI हर किसी को इतनी ताक़त दे सकता है, जितनी पहले कभी किसी ने नहीं दी.

लेकिन मैं यह भी जानती हूं कि ये मौक़े जादुई तरीके से हमारे सामने अपने-आप आगे नहीं आएंगे. 

टेक्नोलॉजी में हरेक बड़ा बदलाव अपने साथ ज्‍़यादा ताक़त लेकर आ सकता है – बेहतर फ़ैसले लेने की ताक़त, हमारे चारों ओर की दुनिया को बेहतर बनाने की ताक़त और नए तरीक़ो से अपनी क़ि‍स्मत को कंट्रोल करने की ताक़त. लेकिन इससे पैसा और ताक़त कुछ ही लोगों के हाथों में सिमट सकते हैं – आमतौर पर उन लोगों के, जिनके पास पहले से ही पैसा, क्रेडेंशियल्स और कनेक्शन हैं.

इसलिए हमें इस चीज़ पर ध्यान देना होगा कि हम इन टेक्नोलॉजी को कैसे बनाएं और इन्हें किनके साथ शेयर करें, ताकि वे ज़्यादा-से-ज़्यादा लोगों के लिए बड़े-बड़े मौक़े और ख़ुशहाली लेकर आ सकें. चीज़ों का हमारा आज का चुनाव तय करेगा कि आने वाला बदलाव सभी को ज़्यादा इंपावरमेंट की ओर ले जाएगा, या पैसा और ताक़त कुछ लोगों तक सिमटकर रह जाएंगे.

हम यह पक्‍का करके शुरुआत कर सकते हैं कि इंपावरमेंट और मौक़ों के लिए ज़रूरी – जानकारी, स्वास्थ्य, क्रिएटिव इज़हार, आर्थिक आज़ादी, समय और सपोर्ट – बड़े पैमाने पर उपलब्ध हों. आप नीचे AI की संभावनाओं के बारे में और भी ज़्यादा पढ़ सकते हैं कि यह कैसे लोगों की ज़िंदगी के हरेक‍ पहलू को बदलकर रख देगा.

अगर हम इंटेलीजेंस को हर कहीं उपलब्‍ध, हरेक के लिए किफ़ायती और समझने में आसान बना देंगे, तो हम दुनिया में अब तक मौजूद मौक़ों के सबसे बड़े इंजन को चला सकते हैं और बहुत ही ज्‍़यादा लोगों को बेहतर ज़िंदगी‍ जीने में मदद कर सकते हैं. मैं OpenAI में अपने नए ज़बरदस्त साथ मैं काम करने वाले लोगों के साथ मिलकर ऐसा ही भविष्य बनाने के लिए बेताब हूं, और मेरे पास जल्द ही शेयर करने के लिए बहुत कुछ होगा.

Fidji.

जानकारी

इंपावरमेंट की शुरुआत होती है अपने आसपास की दुनिया को समझने से और यह जानने से कि उसमें हमारी जगह क्‍या है. अगर हमारे पास सही समय पर सही जानकारी हो, तो हम बेहतर फ़ैसले ले सकते हैं, अपनी तरफ़दारी कर सकते हैं और अपना रास्‍ता बदल सकते हैं. लेकिन इतिहास बताता है कि उसमें एक्‍सपर्ट-लेवल की जानकारी तक पहुंच ज्‍़यादातर उन्हीं लोगों की रही, जिनके पास ज्‍़यादा रिसोर्सेस रहे. अब यह बदल जाने वाला है. पहली बार है कि जानकारी और इससे मिलने वाले मौक़ों को सही मायने में जनवादी बनाने की ताक़त AI में है.

AI हज़ारों घंटे लगाकर सीखने की प्रोसेस को पर्सनलाइज़ इनसाइट में छोटा-सा कर सकता है, उसे आसान भाषा में, हमारी सुविधा के हिसाब से और हमारी समझ के अलग-अलग लेवल के अनुसार कर सकता है. वो सिर्फ़ सवालों के जवाब नहीं देता – वो हमें अच्‍छे सवाल पूछना भी सिखाता है. और यह हमें उन खित्‍तों में आत्मविश्वास पैदा करने में मदद करता है, जो कभी अबूझ या डरावने लगते थे, और हम पर्सनली और प्रोफ़ेशनली दोनों तरीक़ों से मज़बूत बनते हैं.

यह पहले से ही काम पर लगा हुआ है: जो लोग AI ट्यूटर का इस्‍तेमाल करते हैं, वे इंसानी ट्यूटर से दुगुना सीखते हैं, और पुराने तरीक़े के क्‍लासरूम में सीखने के मुक़ाबले में और भी ज्‍़यादा सीखते हैं. 2024 OpenAI स्‍टडी में, 90% यूज़र ने कहा कि ChatGPT ने “पेचीदे आइडिया को आसानी से समझने” में उनकी मदद की. जब हम हर विषय के पर्सनलाइज़्ड AI ट्यूटर को हर किसी की उंगलियों पर बैठा देंगे, तो AI इन दोनों तरह के लोगों के बीच की खाई को बंद कर देगा, जिनके पास सीखने के रिसोर्स हैं और जो ऐतिहासिक रूप से पिछड़ गए हैं.

स्वास्थ्य

पर्सनली, मैं उन क़ामयाबियों को लेकर बहुत ही रोमांचित हूं, जो AI हेल्‍थकेयर में जनरेट करेगा.

कुछ साल पहले, मुझे एक पेचीदा और बहुत कम पाई जाने वाली लंबी बीमारी से जूझना पड़ा, और इससे मुझे समझ में आया कि हेल्‍थकेयर सिस्‍टम कितना बिखरा हुआ और पहुंच से बाहर है. दुनिया के कुछ जाने-माने डॉक्टरों तक मेरी पहुंच होने के बावजूद, मैंने पाया कि मैं एक कनेक्‍टर का रोल अदा कर रही थी—ऐसे कई स्‍पेशलिस्‍ट की जानकारियों को आपस में जोड़ रही थी, जो एक-दूसरे से बात नहीं कर रहे थे.

और ऐसा करने वाली मैं अकेली नहीं हूं. औसतन 10 में से 9 अमेरिकी एडल्‍ट को स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को समझने और उसका इस्‍तेमाल करने में दिक़्क़त आती है, जिसके नतीजे बहुत बदतर निकलते हैं और हर साल $200 बिलियन से ज्‍़यादा का हेल्‍थकेयर से जुड़ा ग़ैर-ज़रूरी ख़र्चा करना पड़ता है. मरीज़ अक्सर ही अपनी देखभाल में ख़ुद को लाचार महसूस करते हैं, और उनके शरीर में क्या कुछ घट रहा है, इसे जानने के लिए दूसरों पर निर्भर रहते हैं.

इस अहसास से उबरने के लिए मैंने स्टैनफ़ोर्ड से एक ट्यूटर को हायर किया, जिसने मुझे बायोलॉजी और जेनेटिक्‍स सिखाई, और फिर मैं लंबी बीमारियों के लिए बने एक रिसर्च इंस्टिट्यूट में गई. कहने की ज़रूरत नहीं है कि ज्‍़यादातर लोगों के पास इतने इंटेंसिव तरीक़ों को अपनाने के लिए रिसोर्स नहीं हैं – और AI से, अब उन्हें ऐसा करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी.

AI लैब के रिज़ल्‍ट को ब्‍यौरेवार बता सकता है, मेडिकल के ख़ास शब्‍दों को समझा सकता है, सेकंड ऑपिनियन दे सकता है, और आसान भाषा में मरीजों को उनके लिए मौजूद विकल्पों को समझने में मदद कर सकता है. यह डॉक्‍टर की जगह नहीं लेगा, लेकिन यह मरीजों को बराबरी के मौक़े मुहैया करा सकेगा, और उन्‍हें अपनी ख़ुद की देखभाल के क़ाबिल बना सकता है.

AI इस चीज़ को यक़ीनी बना सकता है कि आपके स्‍वास्‍थ्‍य से जुड़े फ़ैसले सिर्फ़ डॉक्‍टर के ऑफ़ि‍स में नहीं लिए जा सकेंगे. बीमारियों की रोकथाम और स्वास्थ्य की बेहतरी को ऑप्टिमाइज़ करने के सबसे बढ़िया तरीके हैं – नींद, खानपान, मूवमेंट, तनाव मैनेजमेंट, मेलजोल – सभी रोज़मर्रा की आदतों से जुड़े हुए हैं. AI हमें पर्सनलाइज्‍़ड, रियल-टाइम के हल्‍के-हल्‍के-से पुशअप से छोटे-छोटे, उठाए जा सकने वाले, रोज़ाना के क़दमों के ज़रिए इन आदतों को डालने में मदद कर सकता है. इलाज और दवाओं के तेज़ विकास के अलावा, यह हेल्थकेयर में AI का एक सबसे अहम इस्तेमाल है: एक हमेशा एक्टिव रहने वाला साथी, जो जानकारी की खाइयों को पाटता है, अच्छी आदतों को मज़बूती देता है, और लोगों को आत्मविश्वास और साफ़-स्पष्ट तरीक़े से अपने स्वास्थ्य की ज़ि‍म्मेदारी ख़ुद उठाने के क़ाबिल बनाता है.

क्रिएटिव इज़हार

मेरा मानना है कि हर कोई क्रिएटिव होता है, और किसी चीज़ की कल्पना करने और उसे साकार करने की क्षमता ही वह बड़ी बात है, जो हमें इंसान बनाती है. दिक्‍़क़त यह है कि क्रिएटिविटी के इज़हार की हमारी क्षमता अक्सर ही हमारे स्किल सेट से बंधी होती है. हर किसी के पास पेंटिंग करने, लिखने, कंपोज़ करने या बनाने के रिसोर्स, समय या ट्रेनिंग नहीं होती.

जब मैं भविष्‍य की कल्‍पना करती हूं, तो मेरे दिमाग़ में एक इमेज उभरती है. अपने ख़ाली समय में मैं पेंटिंग करती हूं, लेकिन मेरे दिमाग़ में जो इमेज बनती हैं, वे मेरी आज बनाई हुई पेंटिंग से बहुत अलग होती हैं, इनसे कहीं ज़्यादा रियलिस्टिक और पेचीदा होती हैं. अब, AI कल्‍पना और एक्‍सीक्‍यूशन के बीच के दूरी को सिकोड़ रहा है. AI और इमेज जेनरेशन से, मैं तब तक प्रॉम्प्ट और दोहराना जारी रख सकती हूं, जब तक कि आउटपुट मेरे दिमाग़ में विज़न की पेचीदगी और हूबहूपन से मेल नहीं खा जाता. आज, लगभग हर तीसरा जेन Z यूज़र कहता है कि AI के टूल ने उन्‍हें ख़ुद को इज़हार करने में जितनी मदद की है, उतना वे पहले नहीं कर पा रहे थे.

इससे पेंटिंग का जादू हवा नहीं हो जाता. मैं अभी भी पेंटिंग करती हूं – असल में, स्‍क्रीन पर अपने विज़न को देख पाने से कैनवस पर उनको उतारने से मुझे मदद मिलती है. लेकिन अगर AI सभी को अपने आइडियाज़ को इमेज, स्टोरी या गाना बनाने के लिए टूल्स की एक्सेस देता है, तो यह दुनिया को बहुत ही अमीर जगह बना देगा.

आर्थिक आज़ादी

जब लोग खुद से क़द्रो-क़ीमतों को बना और अपना सकते हैं, तो वे अपनी आर्थिक बेहतरी को भी कंट्रोल कर सकते हैं. लेकिन कोई कंपनी शुरू करना आसान नहीं है. अमेरिका में छोटा बिज़नेस शुरू करने का औसतन ख़र्चा लगभग $30,000 है, जो कि ज्‍़यादातर महत्‍वाकांक्षी इंटरप्रेन्‍योर के लिए नामूमकिन-सी सीमा होती है. और हाल ही तक, किसी प्रोडक्ट को बनाने या सर्विस को लॉन्च करने के लिए टेक्निकल नॉलेज, ख़ास तौर से कोडिंग की ज़रुरत पड़ती थी. येयह उन करोड़ों लोगों के लिए एक समस्या थी जिनके पास टूल्स, ऐप्स, प्लेटफ़ॉर्म आदि के लिए विचार थे जो एक बड़ा इम्पैक्ट डाल सकते थे, लेकिन उन्हें सच में लागू करने के लिए उनके पास टेक्निकल स्किल्स नहीं थीं.

AI अब लोगों को आइडिया को आमदनी बनाने की ताक़त देता है, फ़िर इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि उनकी उम्र कितनी है, क्रेडेंशियल्स क्या हैं या ज़िप कोड कितना है. अगर किसी आदमी ने कभी को‍ड की एक लाइन भी न लिखी हो, तो वो अब अकेला ही अपने कंट्रोल वाले टूल्स से ब्रेनस्टॉर्म, प्रोटोटाइप, मार्केटिंग और लॉन्च कर सकता है. 2024 Shopify रिपोर्ट दिखाती है कि AI-इनेबल सोलोप्रेन्‍योर ने बिना AI टूल्‍स वालों के मुक़ाबले में 70% तेज़ी से बिज़नेस लॉन्‍च किया. इसे मैंने अपनी नौ साल की बेटी में भी पाया, जिसने एक दिन फ़ैसला किया कि वो किड्स बर्थडे की पार्टी प्लानर बनना चाहती है. एक वीकेंड को AI टूल्स की मदद से, उसने पार्टी वाले अपने आइडिया पर एक पूरी तरह कामकाजू वेबसाइट बनाई, उसे अपने दोस्तोंं को दिखाया, और “क्लाइंट” लेना शुरू कर दिया. हैरानी की बात ये रही कि मुझे और मेरे पति को उसकी मदद करने की ज़रूरत ही नहीं पड़ी (लेकिन कंफ़ेटी कैनॉन के ऑर्डर दिए जाने से पहले हमें दख़ल देनी पड़ी).

भविष्य में, लोग बिना किसी तरह की इजाज़त, कैपिटल या क्रेडेंशियल्स का इंतज़ार किए नई चीज़ें बना सकेंगे. बेशक इससे वर्कफ़ोर्स में एक कारगर बदलाव आएगा. कंपनियां कम लोगों को नियुक्त करेंगी क्योंकि मौजूदा टीमें समान घंटों में कहीं ज़्यादा काम कर सकेंगी, और कुछ नौकरियां पूरी तरह से समाप्त हो जाएंगी. लेकिन इससे कई नई नौकरियां भी पैदा होंगी. इसीलिए कर्मचारियों को अपस्किल करने और सभी को इन टेक्‍नोलॉजी का फ़ायदा उठाना सिखाने से, ये पक्‍का करना बेहद ज़रूरी हो जाएगा कि आर्थिक मौक़े बड़े पैमाने पर बांटे जाएं.

यहां तक कि जो लोग बिज़नेस शुरू नहीं करना चाहते हैं, AI उनके लिए भी एक भरोसेमंद फ़ाइनेंशियल गाइड के तौर पर काम करके कारगर आर्थिक इंपावरमेंट पेश कर सकता है. आज, केवल एक-तिहाई अमेरिकी वयस्क ही बुनियादी फ़ाइनेंशियल लिटरेसी से जुड़े सवालों का सही जवाब दे पाते हैं, जिसकी वजह से गलत फ़ैसले और बेवजह तनाव पैदा होता है. AI, सेविंग, बजट, इंवेस्‍ट और उधार को मैनेज करने पर साफ़-साफ़, पर्सनलाइज्‍़ड गाइडेंस पेश करके इस फ़र्क़ को भरने में मदद कर सकता है, जिससे लोगों को बेहतर फ़ाइनेंशियल विकल्प को चुनने और ज्‍़यादा सुरक्षित भविष्य बनाने में इंपावर बनाया जा सके.

समय

अपने समय पर दोबारा कंट्रोल कर पाना एक सबसे ज्‍़यादा आज़ादाना और ताक़तवर बदलाव है, जिसे कोई भी आदमी महसूस कर सकता है. अपने समय को ख़र्च करने के तरीक़े को कंट्रोल करने की क्षमता ही अक्‍सर उन लोगों को, जो ख़ुद को अपनी ज़िंदगी का इन्चार्ज महसूस करते हैं, उन लोगों से अलग करती है, जो अपने आपको उनसे कमतर महसूस करते हैं. अमीर लोग हमेशा पर्सनल असिस्टेंट्स, घरेलू कर्मचारियों, प्राइवेट ट्यूटर्स, शेफ़ आदि को काम पर रखकर अपना समय बचाते रहे हैं—अपनी ज़िंदगी में फ़्रिक्शन कम करने के लिए फ़ुल इंफ़्रास्ट्रक्चर्स बनाते रहे हैं. इसी बीच, एक औसत अमेरिकी परिवार घरेलू काम, लॉजिस्टिक्स और दूसरे कामों पर हर हफ़्ते लगभग 20 घंटे खर्च करता है.

Instacart को लीड करते हुए मैंने साफ़ तौर पर देखा कि कैसे टेक्‍नोलॉजी समय के साथ-साथ सोच और बर्तावों को बदल सकती है. 2012 में, किराने की अपनी ख़रीदारी के लिए किसी को पेमेंट करने का आइडिया एक लक्‍ज़री जैसा लग सकता था, जो कि सिर्फ़ बहुत ज्‍़यादा अमीर लोग ही कर सकते थे. लेकिन प्रोडक्‍ट के सही डिज़ाइन, लॉजिस्टिक्स और दाम के साथ, हमने इसे आम लोगों के लिए आसानी से उपलब्‍ध होने वाला और ज़रूरी बना दिया. आज Instacart यूज़र मूल अमेरिकी आबादी के बराबर है, जहां लाखों परिवारों को अपनी ज़िंदगी‍ में ज्‍़यादा अच्‍छे मूल्‍यों वाली चीज़ों पर ख़र्च करने के लिए हर हफ़्ते कुछ घंटे मिल रहे हैं. ये बात कम आमदनी वाले परिवारों के लिए और भी ज्‍़यादा अहम है, जो अक्सर ही कई तरह के कामों और देखभाल से जुड़ी ज़ि‍म्मेदारियों को एक साथ निभाते होते हैं. समय के साथ, जो पहले फ़िजूलखर्ची लगती थी, वो अब आम हो गई है.

मुझे लगता है कि AI ज़िंदगी के और भी कई हिस्‍सों में ऐसे ही बदलाव लाएगा. समय लेने वाली एक्टिविटीज़ जैसे कि रिज़ल्ट्स पर रिसर्च करना, छुट्टियों की प्लैनिंग करना, एक ट्यूटर को शेड्यूल करना और भी बहुत कुछ काम एक AI एजेंट द्वारा किए जा सकते हैं, जिन्हें कोई भी एक्सेस कर सकता है. जैसे-जैसे हम नए प्रोडक्‍ट बनाते जा रहे हैं, हमारे पास इन समय को बचाने वाली कैपेबिलिटीज़ को न सिर्फ़ कारगर, बल्कि रूटीन वाली बनाने का मौक़ा भी होता है. ऐसा करके हम लोगों को अपने समय और ध्यान पर फिर से कंट्रोल कर पाने में इंपावर बना सकते हैं.

सपोर्ट

बहुत सारे लोगों के लिए, आगे बढ़ने में सबसे बड़ी रुकावट किसी चीज़ की एक्‍सेस या मौक़े की कमी नहीं है, बल्कि ख़ुद पर शक करना, अकेलापन, और थकान है. कई बार सबसे ज्‍़यादा इंपावर बनाने वाली चीज़ होती है सपोर्ट—कोई ऐसा आदमी या कोई ऐसी चीज़, जो हमें रिफ़्लेक्ट करने, ध्‍यान दिए जाने का एहसास कराने, या स्पष्टता और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने में मदद करे. मेरी बिज़नेस कोच Katia मेरे करियर में ट्रांसफ़ोर्मेटिव रही हैं, और मैं सालों से उनके साथ मज़ाक़ करती आ रही हूं कि “हर किसी की जेब में एक Katia” होनी चाहिए. पर्सनलाइज्‍़ड कोचिंग साफ़ तौर पर कुछ लोगों के लिए रिज़र्व्‍ड प्रिविलेज रहा है, लेकिन अब ChatGPT से, ये बहुत सारे लोगों को उपलब्ध हो सकेगा.

लोग पहले से ही मदद के लिए ChatGPT की ओर रुख कर रहे हैं जब वे एक मुश्किल बातचीत की तैयारी कर रहे हों, कैरियर में असफ़लता का सामना कर रहे हों, दुःख से जूझ रहे हों, या दिन ख़त्म होते-होते सिर्फ़ विचारों के एक चक्रव्यूह को सुलझाने की कोशिश कर रहे हों. बिना किसी फ़ैसले या दबाव के विचारों को शब्दों में इज़हार कर पाना बहुत ही मददगार साबित हो सकता है.

और हां, ये इंसानी रिश्‍तों को बदलने के बारे में नहीं है, बल्कि उस गैप को भरने के बारे में है, जो अक्सर ख़ाली छूट जाता है. बहुत से लोग अपने परिवार या दोस्तों के सामने अपनी बात खुलकर कहने में कम्फ़र्टेबल महसूस नहीं करते हैं, और ज्‍़यादातर लोग ऐसे थेरेपिस्‍ट या कोच तक नहीं पहुंच पाते हैं, जिनसे वे लगातार बातचीत कर सकें और बहुत सारे लोग तो अपने परिवार या दोस्तों के साथ खुलकर बात भी नहीं कर पाते. यहां तक कि जो लोग इन प्रोफ़ेशनल तक पहुंच भी पाते हैं वे भी ज्‍़यादातर हफ़्ते में एक घंटा या उससे भी कम समय इनके साथ बिताते हैं.

AI कोच, दूसरी ओर, हर रोज़ उपलब्ध हो सकते हैं, आपकी ज़िंदगी के सभी पहलुओं की अपनी पूरी समझदारी से आपकी मदद कर सकते हैं, और आपके सबकॉन्सियस पैटर्न को आपके कॉन्सियस पर ला सकते हैं. फ़ि‍लॉसफ़ी और धर्म की बुनियाद में सेल्‍फ़-नॉलेज की ये बात पाई जाती है: जो हम बनना चाहते हैं, वैसा बनने के लिए हमें ये जानना-समझना होगा कि हम कौन हैं. अगर AI लोगों को वाकई में खुद को समझने में मदद कर सके, तो ये हमारे लिए सबसे बड़ा गिफ़्ट हो सकता है जो हमें मिल सकता है.

लेखक

Fidji Simo